दिखने में आकर्षक लेकिन
तुनाक मिजाज होते हैं वे लोग जिनका जन्म कृतिका नक्षत्र में होता है। नक्षत्रों के
क्रम में इसका स्थान तीसरा है। इस नक्षत्र का प्रथम चरण मेष राशि में तथा तीन चरण
वृष राशि में होता है। इस नक्षत्र से प्रभावित व्यक्तियों में कलात्मक विषयों मे
प्रति अधिक रूचि होती है।
कृतिका नक्षत्र को ज्योतिषशास्त्र में स्त्री
नक्षत्र कहा गया है। इस नक्षत्र से प्रभावित पुरूषों में स्त्रियों के प्रति अधिक
आकर्षण होता है। अगर कुण्डली में यह नक्षत्र किसी प्रकार से अशुभ प्रभाव में हो तो
व्यक्ति में काम की भावना अधिक होती है। जीवनसाथी के अलावा किसी अन्य से भी इनके
संबंध बन सकते हैं।
इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति पित्त प्रकृति
के होते हैं। अधिक तला तथा गरिष्ठ भोजन इनके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है इसलिए
यह कम भोजन करने वाले होते हैं। इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव हैं जो अग्नि तत्व
का कारक माना जाता है। इसलिए इनमें अग्नि के समान उग्रता पायी जाती है।
यह
स्वाभिमानी और कार्य के प्रति अनुशासन का पालन करने वाले होते हैं। इन्हें
सैर-सपाटा काफी पसंद होता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति रेस्तरां,
ज्वेलर्स, सेना, पुलिस, साहित्य, कला, कॉस्मैटिक्स, ब्यूटी पार्लर, धार्मिक एवं
अग्नि से संबंधित कार्य द्वारा धन कमा सकते हैं। इन क्षेत्रों में इन्हें शीघ्र
सफलता मिलती है।