अगर आपने पिछले कुछ दिनों में खरीदारी की है तो आपका अनुभव बुरा रहा होगा क्योंकि महंगाई की मार के कारण आपकी जेब अधिक ढीली हुई होगी। महंगाई के मामले में लोगों के अलग-अलग सुर हैं कुछ लोग सरकार को इसका जिम्मेदार मान रहे हैं तो कुछ मौसम की मार को। लेकिन असल में महंगाई का कारण ग्रहों की बदली हुई चाल है।
ज्योतिषशास्त्री चन्द्रप्रभा बताती हैं कि व्यापार और मुद्रा का कारक ग्रह बुध 4 अगस्त को कर्क राशि में पहुंचा था। इसके बाद से ही रुपए की कीमत गिरने लगी थी। डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत लगातार गिरने की वजह से हर चीज की कीमत बढ़ गई है।
दूसरी ओर भारत की कुण्डली में व्यय स्थान का स्वामी ग्रह मंगल भी पहले शत्रु राशि में चल रहा था और अब 19 अगस्त को नीच राशि में आ गया है। इसके कारण भी रुपया कमजोर हुआ है और भारत को निर्यात की जाने वाली वस्तुओं के लिए अधिक मूल्य चुकाना पड़ रहा है।
दो महीने रहें सावधान, दुर्घटना और आतंकी घटनाएं बढ़ेंगीलेकिन आपके लिए राहत की ख़बर यह है कि स्थिति जल्दी ही सुधरने वाली है। इस हफ्ते के अंत से रुपया फिर से मजबूत होने लगेगा और आपकी जेब को राहत मिलने लगेगी क्योंकि व्यापार और मुद्रा का कारक ग्रह बुध 21 अगस्त को शत्रु राशि कर्क से निकलकर मित्र राशि सिंह में पहुंच गया है। लेकिन बुध के अस्त होने की वजह से रुपए की कीमत में सुधार नहीं हो पा रहा है।
बुध 6 सितंबर को अपनी राशि कन्या में प्रवेश करेगा और 9 सितंबर को उदय हो जाएगा। इससे रुपया तेजी से मजबूत होगा और स्थिति संभलेगी। इस बीच सुधार की रफ्तार धीमी रहेगी। रुपए के कमज़ोर होने की वजह यह भी है कि इन दिनों भारत की कुंडली में बुध की दशा चल रही है, बुध कुंडली में शत्रु राशि में बैठा है। भारतीय बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बने रहने का एक कारण यह भी है।