सर्वसिद्घ
मुहूर्तों में एक नाम अक्षय तृतीया का है। यह तिथि इस साल 13 मई को है। शास्त्रों
में बताया गया है कि अक्षय तृतीया के दिन ही सतयुग एवं त्रेतायुगा शुरू हुआ था और
द्वापर का अंत भी इसी तिथि में हुआ था।
इसलिए अक्षय तृतीया को युगादि तिथि
कहते हैं। अक्षय तृतीया का महत्व इसलिए भी है कि भगवान विष्णु के दस अवतारों में
तीन अवतार इसी तिथि को हुआ है। भगवान परशुराम, नर और नारायण एवं हयग्रीव। इसलिए इस
तिथि में किया गया हर कार्य शुभ होता है।
शास्त्रों में कहा गया है कि
अक्षय तृतीया अगर सोमवार के दिन मृगशिरा नक्षत्र में पड़े तो इसका महत्व बढ़ जाता
है यानी इस दिन किये गये कार्यों के परिणाम कई गुणा बढ़ जाते हैं। संयोगवश इस साल
अक्षय तृतीया सोमवार के दिन मृगशिरा नक्षत्र में पड़ रहा है।
इस पर सोने पर
सुहागा यह है कि अक्षय तृतीया के साथ सभी कार्यों में सफलता दिलाने वाला सर्वार्थ
सिद्घि योग, ग्रहों की बाधाओं को दूर करने वाला रवि योग और अमृत योग भी बन रहा
है।
जो लोग वाहन खरीदना चाह रहे हैं अथवा नया कारोबार शुरू करना चाहते हैं
उनके लिए यह योग उत्तम फलदायी है। गृह प्रवेश, भूमि पूजन, जमीन अथवा घर खरीदने के
लिए भी अक्षय तृतीया श्रेष्ठ है।
आने वाले कुछ समय में जिन लोगों की शादी
का कोई मुहूर्त नहीं निकल रहा है और जल्दी से जल्दी शादी करना चाहते हैं वह भी इस
मौके का लाभ उठा सकते हैं।
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