मनिका दुबे ने अपनी सिग्नेचर गजल शहर के शोर में वीरानियां हैं, यहां तुम हो मगर तनहाइयां हैं से श्रोताओं के दिलों को छुआ। उन्होंने मां की कुर्बानियों और जिंदगी के फलसफे पर कई संवेदनशील नज्म पेश कीं। मंच का संचालन एंकर पद्मिनी पद्मा शर्मा ने किया। कुलपति प्रो. विनय पाठक, आयुर्वेदाचार्य वंदना पाठक, हेल्प यू फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. हर्षवर्धन अग्रवाल, आयोजक योगेंद्र जैन, धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, उन्नाव के एसडीएम डीपी सिंह आदि मौजूद रहे।