चहनिया विकास खंड के महमदपुर जमालपुर गांव में गंगा किनारे खेतों में एक अंधा सांड लगातार भटक रहा है। आंखों से दिखाई न देने के कारण सांड गड्ढों और खाइयों में गिरकर चोटिल हो रहा है। भोजन-पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने से वह बेहद कमजोर और दुबला-पतला हो गया है। सांड के खेतों में घूमने से किसानों की फसलों को भी नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय किसान आनंद यादव ने बताया कि बीते ठंड के मौसम में किसी कारण सांड की आंखों की रोशनी चली गई थी। उस समय चहनिया ब्लॉक के पशु चिकित्सक डॉ. सुभाष यादव को इसकी जानकारी दी गई थी। चिकित्सक की ओर से दी गई दवा आंख में डालने के बाद सांड को कुछ समय के लिए दिखाई देने लगा था। हालांकि कुछ महीनों बाद उसकी आंखों की रोशनी फिर चली गई। किसानों का कहना है कि दृष्टिहीन होने के कारण सांड को चलने-फिरने और भोजन-पानी तलाशने में काफी परेशानी हो रही है। कई बार वह खेतों में गिरकर चोटिल भी हो जाता है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग और प्रशासन से जल्द चिकित्सक भेजकर सांड का उपचार कराने की मांग की है। इस संबंध में चहनिया ब्लॉक के पशु चिकित्सक डॉ. सुभाष यादव ने बताया कि वह स्वयं मौके पर पहुंचेंगे। ग्रामीणों के सहयोग से सांड को पकड़वाकर उसकी जांच कराई जाएगी और जरूरत के अनुसार उचित इंजेक्शन व दवा उपलब्ध कराकर उपचार किया जाएगा।