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VIDEO: गर्भावस्था की गंभीर समस्या से बचाई प्रसूता की जान

Arun Parashar Updated Tue, 01 Sep 2026 05:26 PM IST

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई तरह की शारीरिक चुनौतियों से जूझना पड़ता है। ऐसी ही दुर्लभ समस्या के साथ मथुरा की गर्भवती महिला को एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। 'प्लेसेंटा परक्रेटा' (प्लेसेंटा एक्रिटा स्पेक्ट्रम) से जूझ रही 25 वर्षीय नेहा की जान एसएन मेडिकल कॉलेज के चार विभागों के विशेषज्ञों ने जटिल सर्जरी के जरिए बचा ली है। नेहा गर्भावस्था के 34 वें सप्ताह में थी। उन्हें अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) की शिकायत हुई। हालत गंभीर होने पर उन्हें मथुरा जिला अस्पताल से एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। जांच में ''''प्लेसेंटा परक्रेटा'''' की गंभीर समस्या सामने आई। गर्भस्थ शिशु की नाल गर्भाशय से आगे बढ़कर पास के अंगों और मूत्राशय तक पहुंच गई थी। ऐसे में प्रसव या ऑपरेशन के समय अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा रहता है। मरीज की हालत नाजुक थी। कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) विशेषज्ञों की मदद से ''''एऑर्टिक कंप्रेशन विधि'''' का इस्तेमाल कर अत्यधिक रक्तस्राव को नियंत्रित किया गया। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की डॉ. रिचा सिंह ने बताया कि यह बेहद हाई-रिस्क ऑपरेशन था। इस सफल सर्जरी में प्रो. पूनम यादव, डॉ. अभिलाषा यादव, प्रो. अतुल गुप्ता, डॉ. अभिषेक पाठक, डॉ. विजय त्यागी, प्रो. राजीव पुरी, डॉ. अतिहर्ष मोहन अग्रवाल, डॉ. विनीता और डॉ. अमिता सिंह ने अहम भूमिका निभाई। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि निजी अस्पतालों में इस तरह के जटिल और हाई-रिस्क ऑपरेशन का खर्च करीब पांच लाख रुपये तक आता है। अब मरीज की हालत पूरी तरह स्थिर है।

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