श्रीलंका के खिलाफ ध्रुव जुरैल के शतक के बाद उनकी बांह पर दिखा ‘जय जवान, जय किसान’ का टैटू देशभर में चर्चा में है। इस टैटू ने छह दशक पुरानी उस विरासत को फिर सामने ला दिया, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने देश को दिया था। ध्रुव के इस अंदाज से प्रभावित होकर शास्त्री के बेटे और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनिल शास्त्री ने उनके पिता नेम सिंह जुरैल को फोन किया।