दो अक्तूबर की छुट्टी के चलते शुक्रवार को माता श्री चिंतपूर्णी के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। श्राद्ध पक्ष होने के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए चिंतपूर्णी पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रही। छुट्टी होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ और मंदिर क्षेत्र में दिनभर रौनक देखने को मिली। मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति यह रही कि दर्शन के लिए लगी कतारें पुराने बस स्टैंड को पार करते हुए आगे तक पहुंच गईं। मां के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। कतार में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों समेत विभिन्न आयु वर्ग के श्रद्धालु शामिल रहे। सुबह से शुरू हुई श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण मंदिर क्षेत्र में लगातार चहल-पहल बनी रही। श्रद्धालुओं ने अपनी बारी आने पर विधिवत पूजा-अर्चना कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं की भारी संख्या का असर चिंतपूर्णी की यातायात व्यवस्था पर भी देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के वाहनों से पहुंचने के कारण मुख्य बस स्टैंड तक वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। भीड़ और वाहनों की अधिक आवाजाही के बीच पुलिस और प्रशासन की ओर से यातायात को व्यवस्थित करने के प्रयास किए जाते रहे, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आवागमन में ज्यादा परेशानी न हो। छुट्टी के दिन चिंतपूर्णी में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर मां चिंतपूर्णी के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन की तस्वीर सामने रखी। दिनभर मंदिर क्षेत्र ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से चिंतपूर्णी में धार्मिक माहौल बना रहा और मंदिर परिसर के साथ आसपास के बाजारों में भी चहल-पहल देखने को मिली।