नाहन के ऐतिहासिक रानीताल पार्क स्थित तालाब में सोमवार सुबह चाइनीज मांझे में उलझने से एक बत्तख घायल हो गई। डोर उसकी गर्दन और पंजों में बुरी तरह फंस गई थी, जिससे वह तालाब में ठीक से तैर भी नहीं पा रही थी। सूचना मिलने पर नगर परिषद के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद बत्तख को डोर से बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद बत्तख को उपचार के लिए पशु अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने शहर में पतंगबाजी के दौरान इस्तेमाल होने वाले खतरनाक मांझे को लेकर चिंता जताई है। वार्ड नंबर आठ के पार्षद संजय चौहान ने बताया कि सोमवार सुबह रानीताल पार्क के तालाब में तैर रही बत्तख अचानक चाइनीज मांझे की चपेट में आ गई। डोर उसकी गर्दन और पंजों में इस तरह लिपटी थी कि उसके लिए सामान्य रूप से हिलना-डुलना मुश्किल हो गया था। बत्तख को परेशान हालत में देखकर स्थानीय लोगों ने नगर परिषद को सूचना दी। इसके बाद कर्मचारी मौके पर पहुंचे और तालाब में उतरकर काफी प्रयास के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला। पार्षद संजय चौहान ने कहा कि रक्षाबंधन के दौरान हुई पतंगबाजी के बाद शहर में कई स्थानों पर पेड़ों, बिजली की तारों और रास्तों के आसपास मांझा लटका हुआ दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि यह राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। उन्होंने बताया कि चाइनीज मांझा सामान्य धागे की तुलना में अधिक मजबूत और धारदार होता है। इसके संपर्क में आने पर लोगों और पशु-पक्षियों को चोट लगने का खतरा रहता है। स्थानीय लोगों और पार्षद ने आरोप लगाया है कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझा अभी भी शहर के बाजारों में उपलब्ध है। उन्होंने प्रशासन से इसकी बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के लिए दुकानों की जांच और कार्रवाई की मांग की है। पार्षद और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि चाइनीज मांझे की बिक्री करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही शहर में पेड़ों, बिजली की तारों और सार्वजनिक स्थानों पर फंसे मांझे को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उनका कहना है कि समय रहते ऐसे खतरनाक मांझे को हटाने से पशु-पक्षियों और राहगीरों के साथ होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।