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सिरमौर: छोटे बच्चे भी चिट्टे की गिरफ्त में, नशा तस्करों पर सख्त कानून की मांग

प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर चिट्टे के बढ़ते प्रसार को लेकर सामाजिक संगठनों ने सरकार से अब और कड़े कदम उठाने की मांग शुरू कर दी है। आदर्श संस्था हिमाचल प्रदेश ने नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग उठाई है। बुधवार को संस्था के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत सिंह परमार की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात की और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में अमरजीत सिंह परमार और प्रो. अमर सिंह चौहान शामिल रहे। अमरजीत सिंह परमार और प्रो. अमर सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में नशे की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। चिट्टे का असर अब केवल युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे-छोटे बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से नशे का प्रसार बढ़ रहा है, उससे आने वाली पीढ़ी को बचाना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। संस्था पदाधिकारियों ने कहा कि आए दिन नशा तस्करों के पकड़े जाने की खबरें सामने आती हैं, लेकिन कुछ समय बाद कई आरोपी जेल से बाहर दिखाई देते हैं। उनका कहना है कि इससे नशे के कारोबार में शामिल लोगों के हौसले बढ़ते हैं। सरकार को ऐसा प्रभावी और सख्त कानून बनाना चाहिए, जिससे नशे के कारोबार में शामिल आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो और वे कानूनी प्रक्रिया का लाभ लेकर आसानी से बाहर न निकल सकें। उन्होंने सरकार और प्रशासन से नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने की मांग की। संस्था ने कहा कि नशे से जुड़ी किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। स्थानीय स्तर पर भी लोगों को जागरूक कर नशे के खिलाफ माहौल तैयार करने की जरूरत है। आदर्श संस्था ने प्रशासन को नशे के खिलाफ हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। संगठन की ओर से नशे के खिलाफ टीमें गठित करने की बात कही गई है। पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को मिलकर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी, तभी चिट्टे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। संस्था ने प्रशासन से मांग की कि नशे के कारोबार की सूचना मिलने पर उसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की जाए। साथ ही नशे के नेटवर्क से जुड़े लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि युवा पीढ़ी को इसकी चपेट में आने से बचाया जा सके।

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