पंचायत और गांव स्तर की समस्याओं को लेकर ग्रामीणों की आवाज प्रशासन तक पहुंचाने के लिए हिमाचल किसान सभा ने गांव-गांव कमेटियां गठित करने की मुहिम तेज कर दी है। इसी कड़ी में बिंगा, बल्याणा और दबरोट गांवों में किसान सभा की इकाइयों का गठन किया गया। कमेटियों का गठन खंड संयोजक भूपेंद्र सिंह और कोषाध्यक्ष राजेंद्र पाल ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठकों में किया गया। किसान सभा ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर 16 सितंबर को एसडीएम धर्मपुर सहित संबंधित विभागों को मांगपत्र सौंपने का निर्णय लिया है। इसमें ग्रामीण परिवहन, सड़क, कृषि, बागवानी, वन्यजीव और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। किसान सभा की मुख्य मांगों में क्षेत्र में बसों की कमी दूर करना और क्षतिग्रस्त सड़कों की जल्द मरम्मत करवाना शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवहन और सड़क सुविधाओं की कमी से आम लोगों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा बंदरों और जंगली सूअरों से फसलों को हो रहे नुकसान का स्थायी समाधान करने की मांग भी रखी जाएगी। शिवा परियोजना के तहत विकसित किए गए बागीचों के लिए नियमित सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने और किसानों को फलों की बिक्री के लिए उचित मार्केटिंग व्यवस्था देने की मांग भी किसान सभा के एजेंडे में शामिल है। किसानों का कहना है कि उत्पादन के बाद बाजार की उचित व्यवस्था नहीं होने से उन्हें कई बार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी किसान सभा प्रशासन का ध्यान आकर्षित करेगी। मढ़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की नई इमारत का जल्द लोकार्पण करने के साथ यहां कम से कम दो डॉक्टरों की नियुक्ति, लैब और एक्सरे सुविधा शुरू करने की मांग की जाएगी। ग्रामीणों के अनुसार इन सुविधाओं के अभाव में मरीजों को दूसरे स्वास्थ्य संस्थानों का रुख करना पड़ता है। बैठक में बल्याणा गांव की एक स्थानीय समस्या भी उठाई गई। गांव के मंदिर पर करीब दो माह पहले गिरा पीपल का पेड़ अब तक नहीं हटाया गया है। किसान सभा के गांव कमेटी प्रधान निक्का राम ने बताया कि पेड़ हटाने के लिए वन एवं राजस्व विभाग के साथ ग्राम पंचायत को कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। अब ग्रामीण इस मामले को लेकर एसडीएम धर्मपुर से मिलने की तैयारी कर रहे हैं। बैठक में बिंगा कमेटी का प्रधान भागमल, उपप्रधान आशा देवी, सचिव प्रकाश चंद, सह सचिव सपना और प्रमिला तथा कोषाध्यक्ष जीत सिंह को बनाया गया। बल्याणा कमेटी में निक्का राम को प्रधान, कमर सिंह को उपप्रधान, सुमना को सचिव, बबली देवी को सह सचिव और सुनीता कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। दबरोट कमेटी का संयोजक रूपलाल वर्मा को बनाया गया है। दबरोट में कमेटी का पूर्ण गठन बाद में किया जाएगा।