हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को देव सदन कुल्लू में संगोष्ठी एवं कवि सम्मेलन का आयोजन शुरू हुआ। कार्यक्रम का आयोजन देव प्रस्थ साहित्य कला मंच ने भाषा एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से किया। आयोजन के माध्यम से हिंदी भाषा, साहित्य और हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में भगवान रघुनाथ के कारदार एवं इतिहास संकलन समिति के अध्यक्ष दानवेंदर सिंह ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। चेत राम ने मुख्य वक्ता के तौर पर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान हिमाचल की सामाजिक और सांस्कृतिक व्यवस्था में देवी-देवताओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। संगोष्ठी का विषय “हिमाचल प्रदेश की सामाजिक संरचना में देवी-देवताओं की भूमिका” रखा गया है। वक्ताओं की ओर से प्रदेश की सामाजिक संरचना, लोक आस्थाओं, परंपराओं और सामुदायिक जीवन में देवी-देवताओं के महत्व पर विचार रखे जा रहे हैं। चर्चा में यह भी बताया जा रहा है कि हिमाचल की लोक संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था में देवी-देवताओं की परंपरा का विशेष स्थान रहा है। कार्यक्रम के दौरान कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया जा रहा है। इसमें विभिन्न कवि हिंदी भाषा और साहित्य से जुड़ी कविताओं का पाठ कर रहे हैं। कविताओं के माध्यम से भाषा प्रेम, सामाजिक सरोकारों, लोक संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्ति दी जा रही है। आयोजकों ने बताया कि हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम साहित्यकारों, कवियों और संस्कृति प्रेमियों को एक मंच प्रदान कर रहा है। इस तरह के आयोजनों से हिंदी भाषा के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ हिमाचल की पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी मदद मिलती है।