रोहतक। गोहाना रोड स्थित दयानंद मठ में रविवार दोपहर को पाखंड खंडन सम्मेलन शुरू हुआ। आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में मुख्य रूप से रामपाल दास के कथित पाखंड का पर्दाफाश किया जा रहा है। सम्मेलन में आर्य समाज के अनेक विद्वान और संत शामिल हो रहे हैं। वक्ताओं ने वेदों के प्रमाण देकर रामपाल की शिक्षाओं को अवैदिक और समाज को भ्रमित करने वाला बताया। कहा गया कि वेद ही सत्य सनातन धर्म का मूल हैं और उसके विरुद्ध फैलाए जा रहे अंधविश्वास को खत्म करना जरूरी है। सुबह हवन-यज्ञ के साथ सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। बड़ी संख्या में आर्य समाज के अनुयायी और आमजन सम्मेलन में पहुंचे हैं। सम्मेलन में लोगों को पाखंड से बचने और वैदिक सिद्धांतों को अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।