एक माह से मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों का आज शुक्रवार को पुलिस पर गुस्सा फूट पड़ा। दो दिन पहले नगर परिषद कार्यालय में हुई हाथापाई मामले में पुलिस पर एक तरफा कार्रवाई के आरोप लगाते हुए थाना कृष्णा गेट का घेराव किया। कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की तो वहीं कहा कि पुलिस एक तरफा कार्रवाई कर उनके आंदोलन को खत्म करवाना चाहती है लेकिन कर्मचारी इस तरह से कमजोर पड़ने वाले नहीं है। आंदोलन मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। कर्मचारियों की थाना प्रभारी नरेश कुमार से बहस भी हुई तो वहीं कहा कि 13 सितंबर को वे सामूहिक रूप से गिरफ्तारी देंगे। कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे महाबीर सिंह दहिया, ओमप्रकाश, सुनील लोहाट आदि ने कहा कि दरगाओं ने महिलाओं पर टिप्पणियां की थी, जिसके चलते ही विवाद बढ़ा। पुलिस ने महिला कर्मचारियों की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की जबकि दरोगाओं की शिकायत पर महिला कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। उधर एसएचओ नरेश कुमार ने कहा कि उनके पास दरोगाओं के खिलाफ कोई सुबूत है तो वे पुलिस को दें, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। नारेबाजी व प्रदर्शन के बाद कर्मचारी फिर से नगर परिषद कार्यालय परिसर में धरनास्थल पर पहुंच गए और नारेबाजी करते रहे। चार कर्मचारियों ने कराया मुंडन, दमकल विभाग का एक और कर्मचारी निलंबित प्रदेश स्तर पर एसोसिएशन के आहवान पर आंदोलन कर रहे कर्मचारियों में से चार ने मुंडन कराया तो वहीं सुबह से ही कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय में धरना देकर नारेबाजी करते रहे। उधर दमकल विभाग ने एक और कर्मचारी कुलविंद्र को निलंबित कर दिया है। वह कुरुक्षेत्र में ही चालक के तौर पर तैनात था। इससे एक दिन पहले ही विभाग ने लाडवा में तैनात फायरमैन मनजीत को निलंबित कर दिया था। वहीं शुक्रवार को भी दमकल कर्मी सफाई कर्मचारियों के साथ धरने पर डटे रहे तो दिन भर नारेबाजी की जाती रही। रोडवेज कर्मचारियों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिया समर्थन धरना दे रहे सफाई कर्मचारियों के समर्थन में रोडवेज कर्मचारी व कांग्रेस कार्यकर्ता भी पहुंचे। रोडवेज कर्मचारी यूनियन इंटक से राज्य सचिव जरनैल सिंह, जिला सचिव जगतार सोढी, सुरेंद्र बारवा, बलजिंद्र मान व भगत सिंह पहुंचे और कर्मचारियों ने जोश भरा। वहीं कांग्रेस नेता लक्ष्मीकांत शर्मा ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया और कहा कि सरकार को ये मांगें जल्द मानते हुए हड़ताल खत्म करवानी चाहिए, ताकि कचरा उठ सके और आमजन को भी राहत मिल सके।