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गोरखपुर हत्याकांड का आरोपी लखनऊ में गिरफ्तार, इस तरह बिता रहा था जिंदगी

Fri, 15 Jun 2018 11:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 15 Jun 2018 11:35 PM IST
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property dealer killer from gorakhpur arrested in lucknow
आरोपी के साथ एसएसपी दीपक कुमार

सरोजनीनगर और चिनहट थाने की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार देर रात मटियारी पुल के पास मुठभेड़ में 25 हजार के इनामी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से पिस्टल व कार बरामद हुई। गोरखपुर में प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड में फरार बदमाश गोमतीनगर के एक अपार्टमेंट में रह रहा था।

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि गोरखपुर में आठ अप्रैल को प्रॉपर्टी डीलर छोटू उर्फ संतोष निषाद की हत्या में फरार 25 हजार का इनामी राजीव ऋषि तिवारी को सरोजनीनगर के प्रभारी निरीक्षक धर्मेश कुमार शाही व चिनहट के प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह की टीम ने मटियारी ढाल के पास से गिरफ्तार किया।
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सरोजनीनगर के प्रभारी निरीक्षक को पता चला था कि राजीव गोमतीनगर के ग्रीनवुड अपार्टमेंट में रह रहा है। वह अपनी टीम के साथ राजीव के ठिकाने पर पहुंचे। इसकी भनक लगने पर राजीव अपनी कार से भाग निकला। धर्मेश कुमार शाही ने पीछा करने के साथ चिनहट के प्रभारी निरीक्षक को फोन करके उनकी मदद से मटियारी के पास घेराबंदी कराई।
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इस पर चिनहट पुलिस द्वारा कार ओवरटेक करके रोके जाने पर राजीव ऋषि ने फायर किया और कार छोड़कर पैदल भागने लगा। दोनों थानों की पुलिस ने घेराबंदी करके उसे पकड़ लिया। राजीव के कब्जे से .32 बोर का अवैध पिस्टल और दो खोखा व दो कारतूस बरामद हुए।

पुलिस ने उसकी कार कब्जे में ली। राजीव के खिलाफ कातिलाना हमला व शस्त्र अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। राजीव ऋषि ने बताया कि उसने दो बार परास्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की और प्रॉपर्टी डीलिंग कर रहा था। 

ये था मामला 

गोरखपुर पुलिस के मुताबिक, मोहद्दीपुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर छोटू उर्फ संतोष निषाद का टिंकू पासवान, मानवेंद्र सिंह, संजय निषाद व अजीत तिवारी से विवाद था। इसके चलते चारों ने उसे ठिकाने लगाने की साजिश रची और आठ अप्रैल को संतोष को बातचीत के बहाने पीएसी कैंप के पास मोहल्ला आजादनगर बिछिया में राजीव ऋषि तिवारी के घर बुलाया।

वहां संतोष की गोली मारकर हत्या करके फरार हो गए। राजीव ऋषि शव ठिकाने लगाने के इरादे से निकला और पुलिस की सक्रियता बढ़ने पर फरार हो गया। पुलिस ने संजय निषाद व टिंकू पासवान को गिरफ्तार किया, जबकि मानवेंद्र सिंह ने पुलिस क्षेत्राधिकारी के कार्यालय पहुंचकर खुद को कानून के हवाले कर दिया।

फरार राजीव ऋषि तिवारी पर 10 अप्रैल को इनाम घोषित किया गया था और पांचवें आरोपी अजीत तिवारी की अभी तलाश जारी है।

इनामी को था एनकाउंटर का डर 

हत्याकांड में दो आरोपियों की गिरफ्तारी और तीसरे द्वारा खुद को पुलिस के हवाले किए जाने के साथ राजीव ऋषि पर इनाम की घोषणा की भनक लगते ही परिवारीजन परेशान हो उठे। एनकाउंटर के डर से अंडरग्राउंड राजीव ऋषि अपनी जान बचाने के जुगाड़ में जुटा था।

गोरखपुर में उसके करीबी लोग वकीलों व परिचित पुलिसकर्मियों से संपर्क साधने में जुटे थे। इस बीच गोरखपुर परिक्षेत्र के  रहने वाले निरीक्षक धर्मेश कुमार शाही को एक मुखबिर के जरिये 25 हजार के इनामी राजीव ऋषि के ठिकाने की भनक लग गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस रिकार्ड के मुताबिक, राजीव ऋषि ने पुलिस टीम पर दो फायर किए और जवाब में पुलिस ने भी उस पर गोली दागी लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।

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