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किसी देश ने नहीं दी शरण, हताश होकर छह प्रवासियों ने नाव पर की आत्महत्या की कोशिश
Sat, 04 Jul 2020 11:58 AM IST
अनवर अंसारी
पीटीआई, रोम
पीटीआई, रोम
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sat, 04 Jul 2020 11:58 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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भूमध्य सागर में बचाव पोत पर सवार छह प्रवासियों ने किसी देश के शरण न देने से हताश होकर आत्महत्या करने की कोशिश की, जबकि कुछ अन्य प्रवासियों ने साथी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को धमकाने की कोशिश की।
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‘ओशन वाइकिंग’ पोत का परिचालन करने वाले परमार्थ संगठन ‘एसओएस मेडिटरेनी’ ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि पोत में खराब होते हालात के मद्देजनर आपातकाल की घोषणा कर दी गई है जिसमें 180 प्रवासी सवार हैं।
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संगठन ने कहा कि उसने बंदरगाह में प्रवेश की अनुमति दिए जाने के सात अनुरोध किए हैं, लेकिन इटली और माल्टा ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इटली और माल्टा में से किसी भी देश की सरकार ने कथित रूप से इनकार किए जाने को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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इन प्रवासियों को 25 जून से 30 जून के बीच चार अभियानों के दौरान तस्करी करने वाले लोगों से सागर में असुरक्षित नौकाओं से बचाया गया था।
संगठन ने बताया कि बचाए गए लोगों में एक गर्भवती महिला और 25 अवयस्क हैं, जिनमें से 17 लोग किसी संबंधी या संरक्षक के बिना यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पोत में सवार छह लोगों ने कथित रूप से आत्महत्या करने की कोशिश की।
संगठन ने कहा कि किसी देश द्वारा शरण नहीं दिए जाने के कारण प्रवासी मनोवैज्ञानिक दबाव झेल रहे हैं और हताशा में आत्महत्या की कोशिश, झगड़ा करने और लोगों को धमकाने जैसे कदम उठा रहे हैं।