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'यह एक चमत्कार है': नेपाल में सुरंग से बचाए गए मजदूर महाराजन के परिवार में लौटी खुशी, कहा- छोड़ चुके थे उम्मीद
Fri, 04 Sep 2026 03:12 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
एएनआई, काठमांडू
एएनआई, काठमांडू
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Fri, 04 Sep 2026 03:12 PM IST
सार
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद सुरंग में 10 दिन से फंसे दो मजदूरों को शुक्रवार को जिंदा बचा लिया गया। इसी बीच परिवार ने अपनी खुशी जाहिर की। इसे चमत्कार बताया और कहा कि उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी।
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मजदूर के जिंदा बचने पर परिवार ने जताई खुशी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बीच शुक्रवार को दो मजदूरों को सुरंग से जिंदा बाहर निकाल लिया गया। इनकी पहचान 45 वर्षीय कबीर महारजन और 30 वर्षीय संजय साह के रूप में हुई है। इस बीच कबीर महारजन के परिवार वालों ने उनको सुरक्षित बाहर निकलने पर अपनी खुशी जाहिर की।
परिवार वालें क्या बोले?
मीडिया से बात करते हुए, महारजन की चचेरी बहन ने कहा 'हम बहुत खुश हैं। हम उनसे मिलने आए हैं। वह 10 दिनों तक सुरंग में फंसे रहे थे। यह एक चमत्कार है। हमने एक बार तो उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन आज हमारी खुशी की कोई सीमा नहीं है। जब मुझे यह खबर मिली, तब मैंने अभी-अभी पूजा की थी। मैंने अपनी अन्य बहनों को फोन किया और अपने भाई को सुरक्षित वापस लाने के लिए भगवान का धन्यवाद किया।'
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद श्री राम नेउपाने के हवाले से काठमांडू पोस्ट ने बताया कि दोनों को एयरलिफ्ट करके काठमांडू लाया गया है। सेना के अधिकारियों के अनुसार, साह का इलाज छाउनी स्थित बीरेंद्र आर्मी अस्पताल में किया जाएगा, जबकि महारजन को राष्ट्रीय ट्रॉमा सेंटर ले जाया जाएगा।
नेपाली सेना ने साझा की जानकारी
नेपाली सेना ने भी एक्स पर एक पोस्ट में उनके बचाव का विवरण साझा किया। हिमालयी देश में आपदा आने के नौ दिन बाद, बचाव कर्मियों ने त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों से संपर्क स्थापित कर लिया है।
आवाजें सुन कर बचाई जान
26 अगस्त को रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के कारण सुरंग बंद हो गई थी। बचाव दल के अनुसार, शुक्रवार को ऑपरेशन के दौरान सुरंग के अंदर से एक से अधिक लोगों की आवाजें सुनी गईं।
खबरों के मुताबिक, बचाव कर्मियों ने अंदर फंसे लोगों से कहा, 'घबराएं नहीं, हम आपको बचा रहे हैं।' जिस पर उन्होंने जवाब दिया, 'हां।'
नेपाली सेना और आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवानों वाली एक बचाव टीम सुरंग में दाखिल हो गई है। खोज व बचाव अभियान को तेज कर दिया है। फंसे हुए लोगों के साथ सीधा संपर्क होना, चल रहे बचाव प्रयासों में एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक घटनाक्रम माना जा रहा है।
नेपाल त्रासदी में अबतक कितने लोगों की मौत हुई?
नेपाल में बचाव और राहत कार्य जारी हैं। इससे पहले शुक्रवार को, नुवाकोट के बिदुर में सेना कैंप के बाढ़ प्रभावित इलाके से एक गर्भवती महिला को एयरलिफ्ट करके काठमांडू ले जाया गया। इस बीच, नेपाल पुलिस के अनुसार, नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1290 हो गई है।
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परिवार वालें क्या बोले?
मीडिया से बात करते हुए, महारजन की चचेरी बहन ने कहा 'हम बहुत खुश हैं। हम उनसे मिलने आए हैं। वह 10 दिनों तक सुरंग में फंसे रहे थे। यह एक चमत्कार है। हमने एक बार तो उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन आज हमारी खुशी की कोई सीमा नहीं है। जब मुझे यह खबर मिली, तब मैंने अभी-अभी पूजा की थी। मैंने अपनी अन्य बहनों को फोन किया और अपने भाई को सुरक्षित वापस लाने के लिए भगवान का धन्यवाद किया।'
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#WATCH | Kathmandu, Nepal | The family of Kabir Maharajan, one of the people rescued from the Trishuli 3A tunnel after 10 days and admitted to a hospital, have reached the hospital to meet him.
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Kabir Maharajan’s sister says, “We are very happy; we are here to meet him. We do… pic.twitter.com/fzqDD0lxE0 — ANI (@ANI) September 4, 2026
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद श्री राम नेउपाने के हवाले से काठमांडू पोस्ट ने बताया कि दोनों को एयरलिफ्ट करके काठमांडू लाया गया है। सेना के अधिकारियों के अनुसार, साह का इलाज छाउनी स्थित बीरेंद्र आर्मी अस्पताल में किया जाएगा, जबकि महारजन को राष्ट्रीय ट्रॉमा सेंटर ले जाया जाएगा।
नेपाली सेना ने साझा की जानकारी
नेपाली सेना ने भी एक्स पर एक पोस्ट में उनके बचाव का विवरण साझा किया। हिमालयी देश में आपदा आने के नौ दिन बाद, बचाव कर्मियों ने त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों से संपर्क स्थापित कर लिया है।
आवाजें सुन कर बचाई जान
26 अगस्त को रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के कारण सुरंग बंद हो गई थी। बचाव दल के अनुसार, शुक्रवार को ऑपरेशन के दौरान सुरंग के अंदर से एक से अधिक लोगों की आवाजें सुनी गईं।
खबरों के मुताबिक, बचाव कर्मियों ने अंदर फंसे लोगों से कहा, 'घबराएं नहीं, हम आपको बचा रहे हैं।' जिस पर उन्होंने जवाब दिया, 'हां।'
नेपाली सेना और आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवानों वाली एक बचाव टीम सुरंग में दाखिल हो गई है। खोज व बचाव अभियान को तेज कर दिया है। फंसे हुए लोगों के साथ सीधा संपर्क होना, चल रहे बचाव प्रयासों में एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक घटनाक्रम माना जा रहा है।
नेपाल त्रासदी में अबतक कितने लोगों की मौत हुई?
नेपाल में बचाव और राहत कार्य जारी हैं। इससे पहले शुक्रवार को, नुवाकोट के बिदुर में सेना कैंप के बाढ़ प्रभावित इलाके से एक गर्भवती महिला को एयरलिफ्ट करके काठमांडू ले जाया गया। इस बीच, नेपाल पुलिस के अनुसार, नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1290 हो गई है।