{"_id":"6aaf74f91c354d7282022463","slug":"nephew-arrested-for-defrauding-relative-of-over-rs2-lakh-under-the-pretext-of-securing-a-job-he-had-sent-a-fake-appointment-letter-ambikapur-news-c-1-1-noi1559-4745031-2026-09-20","type":"video","status":"publish","title_hn":"फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर ऐंठे पैसे: नौकरी का झांसा देकर रिश्तेदार से 2.02 लाख की ठगी, भांजा गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर ऐंठे पैसे: नौकरी का झांसा देकर रिश्तेदार से 2.02 लाख की ठगी, भांजा गिरफ्तार
बलरामपुर जिले में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने ही रिश्तेदार से 2.02 लाख रुपये की ठगी करने और फर्जी नियुक्ति पत्र भेजने के मामले में चलगली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी पीड़ित का रिश्ते का भांजा बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने नौकरी लगवाने के नाम पर पहले दस्तावेज और नकद रकम ली, फिर ऑनलाइन माध्यम से अलग-अलग किस्तों में पैसे मंगवाए। विश्वास जीतने के लिए उसने नोडल अधिकारी के नाम से कथित फर्जी नियुक्ति पत्र भी व्हाट्सएप पर भेजा।
नौकरी लगाने का झांसा देकर लिए 50 हजार रुपये
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना चलगली क्षेत्र निवासी 29 वर्षीय रामऔतार पिता संजीवन राम ने 10 सितंबर को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया कि उसके रिश्ते के भांजे आशीष पिता रामदिल, उम्र 21 वर्ष, निवासी सरस्वतीपुर, चौकी रनहत ने नौकरी दिलाने और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कराने का झांसा दिया था। आरोप है कि आशीष पहले पीड़ित के घर पहुंचा और नौकरी से संबंधित जरूरी दस्तावेजों के साथ 50 हजार रुपये नकद ले गया।
फिनो पेमेंट बैंक का बारकोड भेजकर कराया ऑनलाइन भुगतान
इसके बाद आरोपी ने फिनो पेमेंट बैंक का बारकोड भेजकर फोन-पे के माध्यम से अलग-अलग किस्तों में रकम ट्रांसफर करवाई। पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने नोडल अधिकारी के नाम से तैयार कथित फर्जी नियुक्ति पत्र भी उसके व्हाट्सएप पर भेजा। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने पासबुक और पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज मांगे और पीड़ित से और रकम ले ली। पुलिस के अनुसार, नकद और बैंक ट्रांसफर के जरिए पीड़ित ने कुल 2 लाख 2 हजार रुपये आरोपी को दिए।
नौकरी नहीं लगी तो पैसे मांगने पर करने लगा टालमटोल
रकम लेने के बावजूद जब पीड़ित की नौकरी नहीं लगी तो उसने आरोपी से पैसे वापस मांगे। शिकायत के मुताबिक, आरोपी पहले टालमटोल करता रहा और बाद में फोन उठाना बंद कर दिया। पीड़ित जब उसके घर पहुंचा तो आरोपी वहां से भागने लगा। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत चलगली थाने में दर्ज कराई।
पुलिस ने मोबाइल किया जब्त, आरोपी जेल भेजा
शिकायत के आधार पर चलगली पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने 19 सितंबर को आरोपी आशीष को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपराध स्वीकार किया।
पुलिस ने कथित तौर पर ठगी में इस्तेमाल किया गया वीवो कंपनी का मोबाइल फोन जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।