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सालभर में ही धंस गया रेलवे अंडरब्रिज: 25 हजार लोगों का संपर्क टूटा; आवागमन पूरी तरह ठप
Sat, 19 Sep 2026 01:23 PM IST
अंबिकापुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
Published by: अंबिकापुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2026 01:23 PM IST
सार
चरचा कॉलरी मार्ग पर रेलवे अंडरब्रिज की पुलिया शनिवार सुबह अचानक धंस गई। महज एक साल पहले बने अंडरब्रिज के क्षतिग्रस्त होने से शिवपुर-चरचा मार्ग बंद हो गया है। वैकल्पिक रास्ते पर भी जर्जर पुल और सड़क से हादसे का खतरा बढ़ गया है।
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सालभर में ही धंस गया रेलवे अंडरब्रिज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरिया जिले के चरचा कॉलरी जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित रेलवे अंडरब्रिज की पुलिया शनिवार सुबह अचानक धंस गई। करीब एक साल पहले निर्मित इस अंडरब्रिज के क्षतिग्रस्त होने से शिवपुर-चरचा मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। इसके चलते क्षेत्र की करीब 25 हजार की आबादी प्रभावित हुई है और लोगों का मुख्य मार्गों से संपर्क बाधित हो गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। इस मार्ग से रोजाना आम नागरिकों के अलावा करीब 50 से 60 भारी वाहन और कोयला परिवहन भी गुजरता है।
निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
अंडरब्रिज के इतनी कम अवधि में धंसने के बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि भारी वाहनों और कोयला परिवहन के दबाव वाले मार्ग पर निर्माण के दौरान गुणवत्ता और मजबूती का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए था। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष लालमुनि यादव ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कम समय में पुलिया के क्षतिग्रस्त होने की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
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स्कूल बसों के पहिए थमे
मुख्य मार्ग बंद होने का सीधा असर स्कूली बच्चों और दैनिक आवागमन पर पड़ा है। स्कूल बसों का संचालन प्रभावित होने से हजारों बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य रास्ता बंद होने के बाद लोग चरचा थाने के बगल से बने वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, यह रास्ता भी बदहाल स्थिति में है। यहां मौजूद पुल पहले से जर्जर है और सीसी सड़क भी जगह-जगह खराब हो चुकी है। ऐसे में वाहनों का दबाव बढ़ने से हादसे का खतरा बढ़ गया है।
जनप्रतिनिधियों ने संभाला मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष अरुण जायसवाल और उपाध्यक्ष राजेश सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। लोगों को तत्काल राहत देने के लिए उन्होंने वैकल्पिक मार्ग को सुगम बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क के गड्ढों को समतल करने का काम शुरू कराया गया।
तकनीकी जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और रेलवे प्रशासन से धंसी हुई पुलिया की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण में लापरवाही या गुणवत्ता संबंधी खामी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
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घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। इस मार्ग से रोजाना आम नागरिकों के अलावा करीब 50 से 60 भारी वाहन और कोयला परिवहन भी गुजरता है।
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निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
अंडरब्रिज के इतनी कम अवधि में धंसने के बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि भारी वाहनों और कोयला परिवहन के दबाव वाले मार्ग पर निर्माण के दौरान गुणवत्ता और मजबूती का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए था। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष लालमुनि यादव ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कम समय में पुलिया के क्षतिग्रस्त होने की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
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स्कूल बसों के पहिए थमे
मुख्य मार्ग बंद होने का सीधा असर स्कूली बच्चों और दैनिक आवागमन पर पड़ा है। स्कूल बसों का संचालन प्रभावित होने से हजारों बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य रास्ता बंद होने के बाद लोग चरचा थाने के बगल से बने वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, यह रास्ता भी बदहाल स्थिति में है। यहां मौजूद पुल पहले से जर्जर है और सीसी सड़क भी जगह-जगह खराब हो चुकी है। ऐसे में वाहनों का दबाव बढ़ने से हादसे का खतरा बढ़ गया है।
जनप्रतिनिधियों ने संभाला मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष अरुण जायसवाल और उपाध्यक्ष राजेश सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। लोगों को तत्काल राहत देने के लिए उन्होंने वैकल्पिक मार्ग को सुगम बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क के गड्ढों को समतल करने का काम शुरू कराया गया।
तकनीकी जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और रेलवे प्रशासन से धंसी हुई पुलिया की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण में लापरवाही या गुणवत्ता संबंधी खामी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

चरचा कॉलरी का साइन का बोर्ड व धंसी पुलिया के पास खड़े आसपास के लोग की फ़ोटो

चरचा कॉलरी का साइन का बोर्ड व धंसी पुलिया के पास खड़े आसपास के लोग की फ़ोटो

चरचा कॉलरी का साइन का बोर्ड व धंसी पुलिया के पास खड़े आसपास के लोग की फ़ोटो