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Updated Tue, 22 May 2018 11:04 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
नगर निगम छह साल में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (ठोस अपशिष्ट) परियोजना का एक भी मानक को पूरा नहीं कर पाया है। डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण तथा पृथकीकरण कर कूड़ा उठाकर ट्रंचिंग ग्राउंड तक पहुंचाने का काम वैज्ञानिक विधि से शुरू नहीं हो पाया है। खुले वाहनों से कूड़ा ले जाने से पॉलिथीन युक्त कचरा उड़कर लोगों के सर पर गिर रहा है। जबकि ठोस अपशिष्ठ नियमावली खुले वाहनों में कूड़ा ले जाने की इजाजत नहीं देती है।
हरकी पैड़ी क्षेत्र में कालिंदी मार्केट के पास मंगलवार को करीब 11 बजे खुली ट्रैक्टर-ट्राली से पॉलिथीन की पन्नियां उड़कर स्नान कर आ रहे यात्रियों के ऊपर जा गिरी। ऐसे में उन्हें फिर से हरकी पैड़ी पर जाकर डुबकी लगानी पड़ी। नियमानुसार कूड़ा बंद गाड़ियों में ही शहर से ट्रंचिंग ग्राउंड तक ले जाया जाना चाहिए, लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो रहा है। ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा भूमिगत नहीं किया जा रहा है। खुले में कूड़े ढेर लगाए जाने से लोग दुर्गंध से परेशान हैं। कई बार विरोध प्रदर्शन के बाद भी सिस्टम मूकदर्शक बना बैठा हैै।
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लोगों ने पैसे नहीं दिए तो कूड़ादान उठा दिया
घर-घर से कूड़ा लेने के लिए अनुबंधित कंपनी केआरएल की धींगामस्ती से भी लोगों में रोष है। भूपतवाला वार्ड नगर दो की पीपलवाली गली के लोगों का आरोप है कि उनके घर पर एक दिन भी कंपनी का कर्मचारी कूड़ा लेने नहीं आया। जबकि यूजरचार्ज लेने के लिए कंपनी का कर्मचारी आ गया। लोगों ने विरोध किया तो कंपनी के कर्मचारियों ने वहां से कूड़ादान ही उठवा दिया है। समाज सेवी सतीश चंद्र शर्मा ने नगर निगम प्रशासक से केआरएल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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डीएम के आदेश का भी अनुुपालन नहीं
खुले वाहनों से कूड़ा नहीं ले जाने का डीएम ने भी आदेश दिया है। बावजूद इसके केआरएल खुले वाहनों में कूड़ा ले जा रहा है। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. कैलाश गुंज्याल का कहना है कि कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर सख्त किया जा रहा है। कंपनी नहीं मानी तो उसका चालान किया जाएगा। डा. गुंज्याल ने कहा कि कंपनी को अनुबंध की शर्तों के साथ ही ठोस अपशिष्ठ नियमावली के अनुसार काम करना होगा।