फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Patanjali Ashram returned three children

पतंजलि आश्रम से लौट आए तीनों बच्चे

Fri, 19 Aug 2016 10:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी Updated Fri, 19 Aug 2016 10:20 PM IST
विज्ञापन
Patanjali Ashram returned three children
पतंजलि बाल आश्रम से लौटकर नाचनी पहुंचे कमलेश और ललित - फोटो : अमर उजाला

कुमालगौन की आपदा में अनाथ हुए जिन तीन बच्चों को जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने काफी प्रयास के बाद टिहरी गढ़वाल के मूल्यागांव देवप्रयाग स्थित पतंजलि बाल आश्रम भेजा था, उन बच्चे वहां के माहौल में एडजस्ट नहीं हो पाए। बच्चों की मन:स्थिति को देखते हुए टिहरी जिला प्रशासन ने तीनों बच्चों को वापस ले जाने का आग्रह किया था। बच्चे ठीक एक सप्ताह बाद फिर से नाचनी में बनाए गए आपदा राहत केंद्र में पहुंच गए हैं। अब इन बच्चों को मुनस्यारी स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय में प्रवेश दिलाने की तैयारी चल रही है।

विज्ञापन


कुमालगौन के बचीराम, उनकी पत्नी पार्वती देवी और बड़े बेटे मनोज की 30 जून की रात मलबे में दबकर मौत हो गई थी। इस घटना के बाद उनके तीन बच्चे कमलेश (16), ललित (14) और निर्मला (12) अनाथ हो गए। इन अनाथ बच्चों की बेहतरी और अच्छी शिक्षा के लिए डीएम ने टिहरी स्थित पतंजलि के बाल आश्रम में बात की थी। वहां से मंजूरी मिलने के बाद 11 अगस्त को कमलेश, ललित और निर्मला को बेहद भावुक माहौल में टिहरी के लिए रवाना किया गया। प्रशासन की एक टीम और बच्चों के परिजन बच्चों को छोड़ने के लिए टिहरी गए। 12 अगस्त को बच्चों को आश्रम में प्रवेश दिलाने के बाद प्रशासन की टीम और परिजन लौट आए, लेकिन घर से दूर, नया माहौल होने के कारण तीनों बच्चे वहां पर एडजस्ट नहीं हो पाए।
विज्ञापन


14 अगस्त को पतंजलि आश्रम के संचालकों की सूचना पर टिहरी जिला प्रशासन ने मुनस्यारी तहसील प्रशासन और परिजनों को इसकी जानकारी दी। बच्चों के ताऊ बहादुर राम टिहरी जाकर पतंजलि आश्रम से तीनों बच्चों को वापस ले आए हैं। कानूनगो एमएम पंत ने बताया कि बच्चों को फिर से राहत कैंप में पहुंचा दिया गया है। अब उनको मुनस्यारी के आश्रम पद्धति विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाएगा। कमलेश कक्षा 10, ललित कक्षा 9 और निर्मला कक्षा 7 में पढ़ती है। पतंजलि बाल आश्रम ने बच्चों के सभी प्रमाणपत्र लौटा दिए हैं। घर आते समय परिजनों को पांच हजार रुपये की राशि और आने-जाने का खर्चा भी दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed