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बर्फबारी से थल-मुनस्यारी मार्ग बंद
Tue, 22 Jan 2019 11:15 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Tue, 22 Jan 2019 11:15 PM IST
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मुनस्यारी में बर्फ में रपटी मदकोट जा रही यात्री जीप।
- फोटो : पिथौरागढ़
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बर्फबारी के चलते थल-मुनस्यारी मार्ग कालामुनि से पातलथौड़ के बीच बंद हो गया है। पिथौरागढ़ और अन्य जगहों को जाने वाले वाहन वाया जौलजीबी होते हुए गए। बर्फ हटाने के लिए लोनिवि की ओर से दो स्नोकटर लगाए गए हैं। बर्फबारी अधिक होने से सड़क खोलने में बाधा आ रही है।
क्षेत्र में सोमवार शाम से ही मौसम खराब था। ऊंची चोटियों में बर्फबारी के बाद निचले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई। सोमवार रात करीब नौ बजे से मार्ग बंद हो गया। कालामुनि से पातलथौड़ के बीच ढाई से तीन फुट बर्फ पड़ी हुई है। इससे सड़क यातायात के लिए बाधित हो गई है। मंगलवार को मौसम में थोड़ा सुधार आने के बाद लोनिवि की ओर से बलांती बैंड के पास दो स्नोकटर सड़क से बर्फ हटाने के लिए लगाए गए। लोनिवि के सहायक अभियंता शरद जिंदल ने बताया कि बर्फ काफी अधिक होने से स्नो कटर भी धीमी गति से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सड़क पर यातायात सुचारु होने में समय लगेगा। रुक-रुक कर हुई बारिश से भी कार्य में बाधा हुई। मंगलवार सुबह पौने आठ बजे यात्रियों को लेकर मदकोट जा रही एक जीप बर्फ में रपटने से आगे नहीं बढ़ पाई। बाद में बड़ी मुश्किल के बाद जीप को रवाना किया गया।
बारिश से फसलों को मिली संजीवनी
पिथौरागढ़/नाचनी। सीमांत जिले में लंबे समय बाद हुई झमाझम बारिश को फसल, सब्जियों और फलों के लिए वरदान माना जा रहा है। पिछले वर्ष तक जनवरी में बारिश नहीं होने से सूखा पड़ जाता था। इस समय बारिश होने से गेहूं की अच्छी बढ़वार होने की संभावना है। साथ ही काफी समय तक खेतों में नमी बनी रहेगी। मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. मीनाक्षी जोशी ने बताया कि शीतकालीन पौधरोपण के लिए बारिश काफी फायदेमंद है। नाचनी क्षेत्र के नापड़ गांव के प्रगतिशील किसान सुंदर सिंह मेहता और रिंगुनिया के त्रिलोक सिंह सामंत ने बताया कि फसल और सब्जियों को नई संजीवनी मिल गई है। साथ ही सूख रहे प्राकृतिक स्रोत भी रिचार्ज हो गए हैं। ब्यूरो
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क्षेत्र में सोमवार शाम से ही मौसम खराब था। ऊंची चोटियों में बर्फबारी के बाद निचले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई। सोमवार रात करीब नौ बजे से मार्ग बंद हो गया। कालामुनि से पातलथौड़ के बीच ढाई से तीन फुट बर्फ पड़ी हुई है। इससे सड़क यातायात के लिए बाधित हो गई है। मंगलवार को मौसम में थोड़ा सुधार आने के बाद लोनिवि की ओर से बलांती बैंड के पास दो स्नोकटर सड़क से बर्फ हटाने के लिए लगाए गए। लोनिवि के सहायक अभियंता शरद जिंदल ने बताया कि बर्फ काफी अधिक होने से स्नो कटर भी धीमी गति से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सड़क पर यातायात सुचारु होने में समय लगेगा। रुक-रुक कर हुई बारिश से भी कार्य में बाधा हुई। मंगलवार सुबह पौने आठ बजे यात्रियों को लेकर मदकोट जा रही एक जीप बर्फ में रपटने से आगे नहीं बढ़ पाई। बाद में बड़ी मुश्किल के बाद जीप को रवाना किया गया।
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बारिश से फसलों को मिली संजीवनी
पिथौरागढ़/नाचनी। सीमांत जिले में लंबे समय बाद हुई झमाझम बारिश को फसल, सब्जियों और फलों के लिए वरदान माना जा रहा है। पिछले वर्ष तक जनवरी में बारिश नहीं होने से सूखा पड़ जाता था। इस समय बारिश होने से गेहूं की अच्छी बढ़वार होने की संभावना है। साथ ही काफी समय तक खेतों में नमी बनी रहेगी। मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. मीनाक्षी जोशी ने बताया कि शीतकालीन पौधरोपण के लिए बारिश काफी फायदेमंद है। नाचनी क्षेत्र के नापड़ गांव के प्रगतिशील किसान सुंदर सिंह मेहता और रिंगुनिया के त्रिलोक सिंह सामंत ने बताया कि फसल और सब्जियों को नई संजीवनी मिल गई है। साथ ही सूख रहे प्राकृतिक स्रोत भी रिचार्ज हो गए हैं। ब्यूरो
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