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पद्म श्री डा. जोशी के नेतृत्व में संगम में चला सफाई अभियान
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देवप्रयाग। द ग्रेट ग्लोबल क्लीन अप मिशन के तहत देवप्रयाग से गंगा सागर तक स्वच्छ गंगा नदी बचाओ अभियान के तहत यहां पहुंचे पद्म श्री डा. अनिल जोशी ने स्कूली बच्चों के साथ सफाई अभियान चलाया। उन्होंने बैसाखी पर्व पर जलपूजा के दौरान रामकुंड, संगम घाट और अन्य घाटों में लोगो के उतारे कपड़ों के बिखेरने होने पर चिंता जतायी। उन्होंने कपड़ों को एकत्रित कर गरीब लोगों को देने का सुझाव दिया।
रविवार को पदमश्री डा. जोशी ने गंगा तट पर स्कूली बच्चों के साथ कूड़े-कचरे की सफाई भी की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि देवप्रयाग संगम (भागीरथी-अलकनंदा) में सैकड़ों की संख्या में लोग स्नान और जलपूजा करने आते हैं। वह अपने कपड़ों को नदी के किनारे छोड़ जाते हैं। इससे गंदगी फैलती है। नगरपालिका को इसके उचित निराकण की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष केके कोटियाल को घाटों में ऐसे कपड़ों को रखने के लिये स्वच्छ कपड़ा बॉक्स लगाने का सुझाव दिया। ताकि कपड़े किसी जरूरतमंद के काम आ जाए और गंदगी भी न फैले।
डा. जोशी ने नगर में गंगा किनारे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण पर भी नाराजगी जतायी। उन्होंने कहा कि अलकनंदा और भागीरथी के संगम से महज 100 मीटर की दूरी पर एसटीपी बनाया जाना पूरी तरह अनुचित है। एसटीपी से ओवर फ्लो होकर सीवरेज सीधे गंगा नदी में जा रहा है, गंगा प्रदूषित हो रही है। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था गंगा में है। इसलिए इसको देखते ही यहां सीवरेज परियोजना का निर्माण किया जाना चाहिये था। उन्होंने इस मामले को अधिकारियों और सरकार के समक्ष उठाने की बात कही।
रविवार को पदमश्री डा. जोशी ने गंगा तट पर स्कूली बच्चों के साथ कूड़े-कचरे की सफाई भी की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि देवप्रयाग संगम (भागीरथी-अलकनंदा) में सैकड़ों की संख्या में लोग स्नान और जलपूजा करने आते हैं। वह अपने कपड़ों को नदी के किनारे छोड़ जाते हैं। इससे गंदगी फैलती है। नगरपालिका को इसके उचित निराकण की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष केके कोटियाल को घाटों में ऐसे कपड़ों को रखने के लिये स्वच्छ कपड़ा बॉक्स लगाने का सुझाव दिया। ताकि कपड़े किसी जरूरतमंद के काम आ जाए और गंदगी भी न फैले।
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डा. जोशी ने नगर में गंगा किनारे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण पर भी नाराजगी जतायी। उन्होंने कहा कि अलकनंदा और भागीरथी के संगम से महज 100 मीटर की दूरी पर एसटीपी बनाया जाना पूरी तरह अनुचित है। एसटीपी से ओवर फ्लो होकर सीवरेज सीधे गंगा नदी में जा रहा है, गंगा प्रदूषित हो रही है। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था गंगा में है। इसलिए इसको देखते ही यहां सीवरेज परियोजना का निर्माण किया जाना चाहिये था। उन्होंने इस मामले को अधिकारियों और सरकार के समक्ष उठाने की बात कही।
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