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पहाड़ी शैली में विकसित हो होम-स्टे: गर्ब्याल
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पौड़ी। जनपद पौड़ी के होम स्टे के रूप में विकसित भवन पहाड़ी शैली की पहचान बन जाएंगे, जो पलायन की मार झेल रहे गांवों को संजीवनी देने का काम भी करेंगे। जिलाधिकारी पौड़ी ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को जनपद के होम स्टे भवनों को पहाड़ी शैली में विकसित किए जाने के निर्देश दिए हैं।
विकास भवन सभागार में होम स्टे योजना और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि होम स्टे योजना पहाड़ में पलायन की मार झेल रहे गांवों को संजीवनी देने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि होम स्टे योजना के लिए चयनित भवन को पहाड़ी शैली में विकसित किया जाएगा, जो पर्यटकों को पहाड़ की विरासत से रूबरू कराएगा। जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि जिले में होम स्टे योजना के तहत 17 आवेदन आए थे। इनमें से 11 आवेदन स्वीकार किए गए हैं। इस अवसर पर एसडीएम कोटद्वार अनिल चन्याल, यमकेश्वर किशन सिंह नेगी, पौड़ी कमलेश मेहता व लैंसडौन अर्पणा ढौंडियाल आदि शामिल थे।
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विकास भवन सभागार में होम स्टे योजना और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि होम स्टे योजना पहाड़ में पलायन की मार झेल रहे गांवों को संजीवनी देने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि होम स्टे योजना के लिए चयनित भवन को पहाड़ी शैली में विकसित किया जाएगा, जो पर्यटकों को पहाड़ की विरासत से रूबरू कराएगा। जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि जिले में होम स्टे योजना के तहत 17 आवेदन आए थे। इनमें से 11 आवेदन स्वीकार किए गए हैं। इस अवसर पर एसडीएम कोटद्वार अनिल चन्याल, यमकेश्वर किशन सिंह नेगी, पौड़ी कमलेश मेहता व लैंसडौन अर्पणा ढौंडियाल आदि शामिल थे।
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