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मेट्रोपोल में फिर सुलगी आग
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शिमला आग
- फोटो : self
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नैनीताल। मेट्रोपोल होटल के भवन में मंगलवार सुबह फिर आग सुलग उठी, जिसे दमकल विभाग की टीम ने समय रहते बुझा दिया। वहीं, भवन की जली लकड़ियों से दिनभर धुआं उठता रहा। उधर, डीएम विनोद कुमार सुमन ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश देते हुए जांच एसडीएम नैनीताल विनोद कुमार को सौंपी है। एसडीएम ने मंगलवार शाम को घटना स्थल का मुआयना किया।
सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे मल्लीताल स्थित शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल के एक भवन में आग लग गई थी। वहीं, मंगलवार सुबह भवन की बची लकड़ियों में आग लगने से इसके ठीक पीछे स्थित बीएसएनएल आउट हाउस को खतरा बढ़ गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। सूचना पर टीम के साथ मौके पर पहुंचे दमकल विभाग के एफएसओ कैलाश चंद्र एवं कुलदीप कुमार ने आग पर काबू पाया, लेकिन धुआं दिनभर उठता रहा।
मेट्रोपोल में फिर सुलगी आग
दमकल विभाग ने समय रहते पाया काबू
डीएम ने अग्निकांड की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए
सांकृत्यायन और विद्यालंकार ने मेट्रोपोल में ही किया था लेखन कार्य
मेट्रोपोल होटल के साथ कई ऐतिहासिक घटनाएं जुड़ी हैं। मोहम्मद अली जिन्ना के इस होटल में अपनी पत्नी रतनबाई के साथ हनीमून मनाने की जानकारी तो आम है, वहीं प्रसिद्ध लेखक राहुल सांकृत्यायन ने ‘कुमाऊं का इतिहास’ पुस्तक इसी मेट्रोपोल होटल में लिखी थी। बता दें कि पद्मभूषण प्राप्त राहुल सांकृत्यायन की प्रसिद्ध कृति वोल्गा से गंगा तक विश्व भर में लोकप्रिय हुई थी। इतिहासविद् प्रो.अजय रावत के अनुसार राहुल सांकृत्यायन यहां सत्यकेतु विद्यालंकार के अतिथि के रूप में ठहरते थे। उन्होंने बताया कि सत्यकेतु विद्यालंकार 1950 के दशक में मेट्रोपोल होटल को चलाते थे। सत्यकेतु एक जानेमाने इतिहासकार थे। उस दौर में पेरिस से डीलिट कर चुके सत्यकेतु की प्रसिद्ध कृति मौरियों का इतिहास थी। स्वयं सत्यकेतु विद्यालंकार ने भी यहां रहकर पुस्तक लिखी। राष्ट्रीय आंदोलन पर भी उन्होंने बहुत कुछ लिखा, जिसमें से कई अध्याय इसी मेट्रोपोल होटल में लिखे गए बताए जाते हैं।
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सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे मल्लीताल स्थित शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल के एक भवन में आग लग गई थी। वहीं, मंगलवार सुबह भवन की बची लकड़ियों में आग लगने से इसके ठीक पीछे स्थित बीएसएनएल आउट हाउस को खतरा बढ़ गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना दमकल विभाग को दी। सूचना पर टीम के साथ मौके पर पहुंचे दमकल विभाग के एफएसओ कैलाश चंद्र एवं कुलदीप कुमार ने आग पर काबू पाया, लेकिन धुआं दिनभर उठता रहा।
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मेट्रोपोल में फिर सुलगी आग
दमकल विभाग ने समय रहते पाया काबू
डीएम ने अग्निकांड की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए
सांकृत्यायन और विद्यालंकार ने मेट्रोपोल में ही किया था लेखन कार्य
मेट्रोपोल होटल के साथ कई ऐतिहासिक घटनाएं जुड़ी हैं। मोहम्मद अली जिन्ना के इस होटल में अपनी पत्नी रतनबाई के साथ हनीमून मनाने की जानकारी तो आम है, वहीं प्रसिद्ध लेखक राहुल सांकृत्यायन ने ‘कुमाऊं का इतिहास’ पुस्तक इसी मेट्रोपोल होटल में लिखी थी। बता दें कि पद्मभूषण प्राप्त राहुल सांकृत्यायन की प्रसिद्ध कृति वोल्गा से गंगा तक विश्व भर में लोकप्रिय हुई थी। इतिहासविद् प्रो.अजय रावत के अनुसार राहुल सांकृत्यायन यहां सत्यकेतु विद्यालंकार के अतिथि के रूप में ठहरते थे। उन्होंने बताया कि सत्यकेतु विद्यालंकार 1950 के दशक में मेट्रोपोल होटल को चलाते थे। सत्यकेतु एक जानेमाने इतिहासकार थे। उस दौर में पेरिस से डीलिट कर चुके सत्यकेतु की प्रसिद्ध कृति मौरियों का इतिहास थी। स्वयं सत्यकेतु विद्यालंकार ने भी यहां रहकर पुस्तक लिखी। राष्ट्रीय आंदोलन पर भी उन्होंने बहुत कुछ लिखा, जिसमें से कई अध्याय इसी मेट्रोपोल होटल में लिखे गए बताए जाते हैं।
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