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Bageshwar News: लोगों की आस्था को ठेस पहुंचा रहे अराजक तत्व
Thu, 13 Jul 2023 12:10 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 13 Jul 2023 12:10 AM IST
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बागेश्वर। नगर के प्रसिद्ध शिवधाम नीलेश्वर मंदिर की पहाड़ी अराजक तत्वों की ऐशगाह बनी हुई है। शाम होते ही अराजक तत्व हंगामा कर रहे हैं। इससे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं, महिलाओं को परेशान होना पड़ता है। वहीं पुलिस भी इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
नीलेश्वर मंदिर के लिए नगर के माल रोड से रास्ता है। खड़ी पहाड़ी में स्थित मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए नगरपालिका की ओर से विश्राम स्थल बनाया गया है। यह विश्राम स्थल लंबे समय से अराजक तत्वों का अड्डा बना है जो शाम होते ही विश्रामस्थल पर हंगामा करते रहते हैं।
कई बार विश्रामस्थल की छत पर चढ़कर हंगामा करते हैं जो नगर क्षेत्र से साफ दिखाई देता है लेकिन शांति व्यवस्था कायम रखने की जिम्मेदारी संभालने वाले महकमे हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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चंडिका मंदिर, बागनाथ मंदिर परिसर भी अछूता नहीं
बागेश्वर। भीलेश्वर की पहाड़ी पर स्थित चंडिका मंदिर परिसर और बागनाथ मंदिर परिसर, सरयू तट भी उत्पातियों, मनचलों का अड्डा बन गया है। लोगों ने इन धर्मस्थलों पर अराजकता से निजात दिलाने की मांग की है।
नीलेश्वर की पहाड़ी पर पहले भी अराजक तत्वों की हरकतों की सूचना मिली थी। पहाड़ी पर गश्त की गई थी। नीलेश्वर के साथ ही चंडिका देवी मंदिर परिसर, बागनाथ मंदिर में नियमित गश्त कराई जाएगी। अराजक तत्वों पर अंकुश लगाया जाएगा। - केएस नेगी, कोतवाल, बागेश्वर।
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नीलेश्वर मंदिर के लिए नगर के माल रोड से रास्ता है। खड़ी पहाड़ी में स्थित मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए नगरपालिका की ओर से विश्राम स्थल बनाया गया है। यह विश्राम स्थल लंबे समय से अराजक तत्वों का अड्डा बना है जो शाम होते ही विश्रामस्थल पर हंगामा करते रहते हैं।
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कई बार विश्रामस्थल की छत पर चढ़कर हंगामा करते हैं जो नगर क्षेत्र से साफ दिखाई देता है लेकिन शांति व्यवस्था कायम रखने की जिम्मेदारी संभालने वाले महकमे हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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चंडिका मंदिर, बागनाथ मंदिर परिसर भी अछूता नहीं
बागेश्वर। भीलेश्वर की पहाड़ी पर स्थित चंडिका मंदिर परिसर और बागनाथ मंदिर परिसर, सरयू तट भी उत्पातियों, मनचलों का अड्डा बन गया है। लोगों ने इन धर्मस्थलों पर अराजकता से निजात दिलाने की मांग की है।
नीलेश्वर की पहाड़ी पर पहले भी अराजक तत्वों की हरकतों की सूचना मिली थी। पहाड़ी पर गश्त की गई थी। नीलेश्वर के साथ ही चंडिका देवी मंदिर परिसर, बागनाथ मंदिर में नियमित गश्त कराई जाएगी। अराजक तत्वों पर अंकुश लगाया जाएगा। - केएस नेगी, कोतवाल, बागेश्वर।