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वीआईपी ड्यूटी और मेलों में व्यस्त हो जाती है 70 फीसदी पुलिस
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:19 PM IST
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बागेश्वर। वीआईपी ड्यूटी और मेलों में ही करीब 70 फीसदी पुलिस बल व्यस्त हो जाता है। महज 30 फीसदी पुलिस ही नागरिकों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध रह पाती है। इससे तमाम तरह के अपराधों की जांच में दिक्कतें पेश आती हैं। साथ ही बीट पुलिसिंग भी प्रभावित होती है। यह बात डीआईजी (कुमाऊं) पूरन सिंह रावत ने कही।
बृहस्पतिवार को एसपी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में डीआईजी रावत ने कहा कि बीट पुलिसिंग की कमी के बावजूद पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ सेवा कर रही है। सूचनाओं के मामले में अब तकनीक पर अधिक निर्भरता हो गई है। साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए हर जिले में साइबर क्राइम सेल स्थापित किए गए हैं।
डीआईजी ने कहा कि साइबर अपराध पर सख्ती से लगाम लगाने और मामलों के खुलासे के लिए पुलिस को अधिक चौकन्ना रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि नागरिकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने की सुविधा भी शुरू की गई है।
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डीआईजी ने कहा कि आपराधिक मामलों की विवेचना में देरी करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कहा कि बागेश्वर जिले में जिन मामलों में निर्धारित समय के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की है, उस मामले में जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान एसपी मुकेश कुमार मौजूद थे। इससे पूर्व उन्होंने जिले के पेंशनर पुलिस कर्मियों की समस्याएं भी सुनीं।
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बृहस्पतिवार को एसपी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में डीआईजी रावत ने कहा कि बीट पुलिसिंग की कमी के बावजूद पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ सेवा कर रही है। सूचनाओं के मामले में अब तकनीक पर अधिक निर्भरता हो गई है। साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहा है। इसे रोकने के लिए हर जिले में साइबर क्राइम सेल स्थापित किए गए हैं।
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डीआईजी ने कहा कि साइबर अपराध पर सख्ती से लगाम लगाने और मामलों के खुलासे के लिए पुलिस को अधिक चौकन्ना रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि नागरिकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने की सुविधा भी शुरू की गई है।
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डीआईजी ने कहा कि आपराधिक मामलों की विवेचना में देरी करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कहा कि बागेश्वर जिले में जिन मामलों में निर्धारित समय के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की है, उस मामले में जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान एसपी मुकेश कुमार मौजूद थे। इससे पूर्व उन्होंने जिले के पेंशनर पुलिस कर्मियों की समस्याएं भी सुनीं।