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स्वास्थ्यकर्मियों की संवेदनहीनता ने ली नवजात की जान
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Tue, 12 Jan 2016 12:11 AM IST
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स्वास्थ्यकर्मियों की संवेदनहीनता ने एक नवजात की जान ले ली। प्रसव के लिए गजरौला सीएचसी लाई गई एक भट्ठा मजदूर की पत्नी को स्वास्थ्यकर्मियों ने टरका दिया। उसके क्षेत्र को लेकर भी टिप्पणी की गई।
हताश मजदूर उसे लेकर भट्ठे पर लौट रहा था कि, रास्ते में महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गई। इस पर उझारी के पास टैंपो से उतारकर रूई मशीन के बने तंबू में उसका प्रसव कराया गया, जहां नवजात की मौत हो गई।
इसके बाद बसपा नेता की मदद से जच्चा को हसनपुर सीएचसी पहुंचाया गया। परिजनों में अस्पताल कर्मियों के व्यवहार को लेकर रोष है।
बिहार का रहनेवाला सुधीर अपनी पत्नी रेनू के साथ संभल जिले के गांव भटपुरा में एक ईंट के भट्ठे पर रहकर मजदूरी करता है। यहीं पर बिहार के और लोग भी रहते हैं। सुधीर ने बताया कि सोमवार को वह पत्नी के साथ गजरौला गया था।
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गजरौला में बिहार के उसके साथी रहते हैं। इस दौरान रेनू को प्रसव पीड़ा होने लगी तो सीएचसी गजरौला ले जाया गया। उसका आरोप है कि, गजरौला सीएचसीकर्मियों ने महिला को भर्ती नहीं किया और बिहार निवासी कहकर टरका दिया।
इसके बाद सुधीर अपनी पत्नी को लेकर भट्ठे पर जाने के लिए चल दिया। हसनपुर से टैंपो में बैठकर वह भटपुरा के लिए जा रहा था कि, उझारी के पास रेनू को प्रसव पीड़ा तेज हो गई।
इस पर टैंपो से उतारकर स्थानीय महिलाओं की मदद से सड़क किनारे बने रूई मशीन के तंबू में उसका प्रसव कराया गया। यहां महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन जल्द ही नवजात ने दम तोड़ दिया।
मौके पर पहुंचे बसपा नेता चंद्रपाल सैनी ने प्रसूता को सीएचसी हसनपुर पहुंचाया। यहां डॉ.गोपीलाल ने बताया कि जच्चा को एडमिड किया गया है, फिलहाल वह स्वस्थ है।
सोमवार को दोपहर दो बजे तक सिर्फ चार प्रसव के केस आए हैं, रिकार्ड चेक किया गया है, हो सकता है मरीज बाहर से ही वापस लौट गया हो, यदि अस्पताल में मरीज आता और उसे रेफर किया जाता तो रिकार्ड में दर्ज किया जाता, फिलहाल इस बाबत और भी जानकारी की जा रही है, यदि अस्पताल में इस प्रकार की लापरवाही हुई है तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डा. दिनेश खत्री, चिकित्सा अधीक्षक, गजरौला।
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हताश मजदूर उसे लेकर भट्ठे पर लौट रहा था कि, रास्ते में महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गई। इस पर उझारी के पास टैंपो से उतारकर रूई मशीन के बने तंबू में उसका प्रसव कराया गया, जहां नवजात की मौत हो गई।
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इसके बाद बसपा नेता की मदद से जच्चा को हसनपुर सीएचसी पहुंचाया गया। परिजनों में अस्पताल कर्मियों के व्यवहार को लेकर रोष है।
बिहार का रहनेवाला सुधीर अपनी पत्नी रेनू के साथ संभल जिले के गांव भटपुरा में एक ईंट के भट्ठे पर रहकर मजदूरी करता है। यहीं पर बिहार के और लोग भी रहते हैं। सुधीर ने बताया कि सोमवार को वह पत्नी के साथ गजरौला गया था।
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गजरौला में बिहार के उसके साथी रहते हैं। इस दौरान रेनू को प्रसव पीड़ा होने लगी तो सीएचसी गजरौला ले जाया गया। उसका आरोप है कि, गजरौला सीएचसीकर्मियों ने महिला को भर्ती नहीं किया और बिहार निवासी कहकर टरका दिया।
इसके बाद सुधीर अपनी पत्नी को लेकर भट्ठे पर जाने के लिए चल दिया। हसनपुर से टैंपो में बैठकर वह भटपुरा के लिए जा रहा था कि, उझारी के पास रेनू को प्रसव पीड़ा तेज हो गई।
इस पर टैंपो से उतारकर स्थानीय महिलाओं की मदद से सड़क किनारे बने रूई मशीन के तंबू में उसका प्रसव कराया गया। यहां महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन जल्द ही नवजात ने दम तोड़ दिया।
मौके पर पहुंचे बसपा नेता चंद्रपाल सैनी ने प्रसूता को सीएचसी हसनपुर पहुंचाया। यहां डॉ.गोपीलाल ने बताया कि जच्चा को एडमिड किया गया है, फिलहाल वह स्वस्थ है।
सोमवार को दोपहर दो बजे तक सिर्फ चार प्रसव के केस आए हैं, रिकार्ड चेक किया गया है, हो सकता है मरीज बाहर से ही वापस लौट गया हो, यदि अस्पताल में मरीज आता और उसे रेफर किया जाता तो रिकार्ड में दर्ज किया जाता, फिलहाल इस बाबत और भी जानकारी की जा रही है, यदि अस्पताल में इस प्रकार की लापरवाही हुई है तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डा. दिनेश खत्री, चिकित्सा अधीक्षक, गजरौला।