{"_id":"beec2e50f8782a1b9a9a2c7122828fdf","slug":"election-hindi-news-88","type":"story","status":"publish","title_hn":"छिटपुट घटनाओं के बीच 84 फीसदी मतदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छिटपुट घटनाओं के बीच 84 फीसदी मतदान
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
Updated Sun, 06 Dec 2015 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनाव के दौरान मूढ़ा खेड़ा, भेंड़ा भरतपुर में एजेंटों के साथ मारपीट हो
विज्ञापन
गई। वहीं अमरोहा देहात थाने के नन्हेड़ा, फूलपुर अदलपुर में भी मतदान फर्जी
वोटिंग को लेकर नोकझोंक हुई। मतदाता सूचियों में नाम नहीं निकलने से
सैकड़ों लोग बैरंग लौट गए। पुलिस ने कई स्थानों पर लाठियां पटककर भीड़ को
खदेड़ा। पंचायत चुनाव के तीसरे चरण के लिए शनिवार को अमरोहा ब्लाक में
वोट डाले गए।
कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुए मतदान के बाद कई स्थानों पर मतदाताओं की लंबी लाइन लग गई। नौगावां सादात क्षेत्र के भेड़ा भरतपुर में मतदान एजेंटों के बीच मारपीट की सूचना मिलते ही एक्शन मोबाइल टीमें मौके पर पहुंच गईं। पुलिस के पहुंचने के बाद वहां मामला शांत हुआ। इसके बाद मूढ़ा खेड़ा में भी कुछ प्रत्याशियों के एजेंटों को पुलिस द्वारा हटाकर कस्टडी में लेने से आक्रोश फैल गया।
ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस को एजेंट छोड़ने पड़े। इसी तरह पीला कुंड बूथ पर कुछ लोग बाहर से वोट डालने आए थे, जिन्हें ग्रामीणों ने वोट डालने से मना किया। मतदाता सूची में नाम होने के बाद भी उन्हें पुलिस ने वोट डालने से रोक दिया। इनका कहना था कि पूर्व में यहीं के रहने वाले हैं, बाहर जाकर बस गए हैं। जमना खास, बसेड़ा में भी नोकझोंक होने की सूचना मिली है।
उधर, अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गांव नन्हेड़ा में भी एजेंटों को झगड़ने पर पुलिस ने पीटा और हिरासत में ले लिया। फूलपुर अदलपुर में भी एजेंटो के बीच भी आपसी विवाद के चलते मारपीट की सूचना है, जिसमें पुलिस ने एजेंटों को हिरासत में ले लिया। कुछ गांवों में फर्जी वोटिंग की शिकायतों पर भी पुलिस ने पहुंचकर लाठीचार्ज किया। मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर वोट नहीं डाल पाने की सबसे ज्यादा शिकायतें रहीं।
कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुए मतदान के बाद कई स्थानों पर मतदाताओं की लंबी लाइन लग गई। नौगावां सादात क्षेत्र के भेड़ा भरतपुर में मतदान एजेंटों के बीच मारपीट की सूचना मिलते ही एक्शन मोबाइल टीमें मौके पर पहुंच गईं। पुलिस के पहुंचने के बाद वहां मामला शांत हुआ। इसके बाद मूढ़ा खेड़ा में भी कुछ प्रत्याशियों के एजेंटों को पुलिस द्वारा हटाकर कस्टडी में लेने से आक्रोश फैल गया।
ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस को एजेंट छोड़ने पड़े। इसी तरह पीला कुंड बूथ पर कुछ लोग बाहर से वोट डालने आए थे, जिन्हें ग्रामीणों ने वोट डालने से मना किया। मतदाता सूची में नाम होने के बाद भी उन्हें पुलिस ने वोट डालने से रोक दिया। इनका कहना था कि पूर्व में यहीं के रहने वाले हैं, बाहर जाकर बस गए हैं। जमना खास, बसेड़ा में भी नोकझोंक होने की सूचना मिली है।
उधर, अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गांव नन्हेड़ा में भी एजेंटों को झगड़ने पर पुलिस ने पीटा और हिरासत में ले लिया। फूलपुर अदलपुर में भी एजेंटो के बीच भी आपसी विवाद के चलते मारपीट की सूचना है, जिसमें पुलिस ने एजेंटों को हिरासत में ले लिया। कुछ गांवों में फर्जी वोटिंग की शिकायतों पर भी पुलिस ने पहुंचकर लाठीचार्ज किया। मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर वोट नहीं डाल पाने की सबसे ज्यादा शिकायतें रहीं।