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आसिफ का जोया से लिंक नहीं खोज सकी खुफिया एजेंसी
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
Updated Tue, 01 Dec 2015 12:31 AM IST
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मेरठ में पाकिस्तानी एजेंट एजाज की गिरफ्तारी सुर्खियों में है। एजाज का
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बरेली कैंट से भी जुड़ाव रहने के साथ वहां की गुप्त जानकारियां हासिल करने
का भी सुराग लग चुका है।
एसटीएफ और सेना इंटेलिजेंस लगातार पूछताछ कर रही है। एजाज के पकड़े जाने का मामला सुुर्खियों में आने के बाद एक बार फिर आसिफ अली के अमरोहा से रिश्तों पर चर्चा शुरू हो गई है। मेरठ के सुभाष बाजार भाटवाड़ा तिराहे से पिछले साल अक्तूबर में पकड़े गए आसिफ अली के पास से भी सेना के नक्शे पाकिस्तानी डेविट कार्ड, सिम के अलावा कई चीजें मिली थीं। वह आठ साल से आईएसआई एजेंटों के संपर्क में था।
अपने स्टेट बैंक एकाउंट के जरिए उसने अमरोहा और जोया की बैंक शाखाओं से रुपया ट्रांसफर कराया था। आसिफ के अमरोहा की बैंक से रुपए ट्रांसफर कराने की बात उजागर होने पर एसटीएफ ने बैंकों में भी पड़ताल की और खुफिया एजेंसियां भी जुटीं लेकिन यह नहीं जान सकीं आखिर आसिफ अली अमरोहा के किस व्यक्ति के संपर्क की खातिर यहां आया था। यह बात आज भी रहस्य बनी हुई है।
एसटीएफ और सेना इंटेलिजेंस लगातार पूछताछ कर रही है। एजाज के पकड़े जाने का मामला सुुर्खियों में आने के बाद एक बार फिर आसिफ अली के अमरोहा से रिश्तों पर चर्चा शुरू हो गई है। मेरठ के सुभाष बाजार भाटवाड़ा तिराहे से पिछले साल अक्तूबर में पकड़े गए आसिफ अली के पास से भी सेना के नक्शे पाकिस्तानी डेविट कार्ड, सिम के अलावा कई चीजें मिली थीं। वह आठ साल से आईएसआई एजेंटों के संपर्क में था।
अपने स्टेट बैंक एकाउंट के जरिए उसने अमरोहा और जोया की बैंक शाखाओं से रुपया ट्रांसफर कराया था। आसिफ के अमरोहा की बैंक से रुपए ट्रांसफर कराने की बात उजागर होने पर एसटीएफ ने बैंकों में भी पड़ताल की और खुफिया एजेंसियां भी जुटीं लेकिन यह नहीं जान सकीं आखिर आसिफ अली अमरोहा के किस व्यक्ति के संपर्क की खातिर यहां आया था। यह बात आज भी रहस्य बनी हुई है।