{"_id":"60b9ced374e6cc23f30e9052c2bb3439","slug":"bhathhi-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरों में धधक रहीं कच्ची शराब की भटि्ठयां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरों में धधक रहीं कच्ची शराब की भटि्ठयां
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Tue, 24 Nov 2015 12:28 AM IST
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ग्राम प्रधान चुनाव में उम्मीदवारों ने शराब परोसे जाने की पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए गंगा किनारे के तमाम घरों में भटि्ठयां धधकाई जा रहीं हैं।
यही नहीं कच्ची और हरियाणवी अंग्रेजी शराब बेचने के लिए कुछ बाहरी लोग भी आए हुए हैं। लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए प्रयासरत नहीं दिख रहा है।
जिले में ग्राम प्रधान चुनाव का प्रथम चरण 28 नवंबर को हसनपुर-गंगेश्वरी ब्लाक में है। यहां के ढकिया, नानई, कसाईपुरा, बिहारीपुर, पौरारा, दियावली, सिरसा गुर्जर, फत्तेपुरखादर, आदमपुर, गंगानगर, जैतोली, महमूदाबाद, मोहम्मदाबाद, बिजौरा, कासमपुर, डगरौली, डाके वाली मिलक, सौहरका आदि गंगा के किनारे के करीब दो दर्जन गांवों में अवैध शराब बनाने का कारोबार जोर-शोर से चल रहा है।
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इन गांवों में बनी कच्ची शराब ग्राम प्रधान चुनाव के कुछ उम्मीदवार वोट लेने की खातिर लोगों को पिला रहे हैं। ठीक इसी तरह दूसरा चरण का चुनाव 01 दिसंबर को जोया ब्लाक में है।
इसके लिए जोया के गांव पतेई खालसा, इकौंदा, कपासी, पूरनपुर, कटाई, श्योनाली, पायंती कलां, नूरी मुबारकपुर आदि डेढ़ दर्जन गांवों में अवैध शराब बनाने का धंधा चल रहा है।
कुछ गांव ऐसे भी हैं जहां हरियाणवी शराब लाकर बेची जा रही है। तीसरे चरण का चुनाव 05 दिसंबर को अमरोहा ब्लाक में, जबकि 09 दिसंबर को गजरौला-धनौरा ब्लाक में होने के मद्देनजर इस क्षेत्र के भी तमाम घरों में भटि्ठयां धधक रही हैं। इन्हें रोकने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग कोई प्रयास नहीं कर रही है।
हरियाणा से लाई गई है शराब
जिले में बड़ी मात्रा में हरियाणवी शराब चुनाव में खपाने के लिए लाई गई है। दूध की गाड़ियों से लेकर लग्जरी कारों और बसों-ट्रकों से यहां शराब लाई गई है। हरियाण में शराब सस्ती होने से चुनाव में दावेदारों ने हरियाणा से इसे मंगाया है। बताया जाता है कि, हरियाणा की शराब सस्ती है।
... पीने से जा सकती है जान
चुनाव में ऐसी दारू भी परोसी जा रही है जोकि जहरनुमा है। इसके अत्याधिक सेवन से जान भी जा सकती है। अब तक जिले में कई लोगों की मौत हुई है। हालांकि पुलिस ने उनका पोस्टमार्टम नहीं कराया है।
लेकिन यह माना जा रहा है कि ऐसी सस्ती दारू के अधिक पीने से यह जानें गईं हैं। आबकारी विभाग और पुलिस के अफसर इन मौतों का कारण दारू को नहीं मानते हैं।
मौत की कराएंगे जांच
जिलाधिकारी वेदप्रकाश ने जहरीली शराब या शराब के अधिक सेवन से मौत के मामलों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा है कि भले ही ऐसे लोगों के पोस्टमार्टम नहीं हुए हैं, लेकिन जांच कराई जाएगी।
उनकी मौत स्वाभाविक है या फिर उसमें शराब का कोई रोल है। यदि शराब के सेवन का मामला है तो किस प्रत्याशी ने दारू पिलाई है उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
जिले में कच्ची शराब तोड़ने से रोकने के लिए आबकारी विभाग और पुलिस अभियान चला रही है। लगातार कार्रवाई भी की गई है। हरियाणा की शराब भी बरामद की गई है। चुनाव में खपाने के लिए ऐसी शराब पिलाने वालों के नाम सामने आने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
-वेद प्रकाश जिलाधिकारी
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यही नहीं कच्ची और हरियाणवी अंग्रेजी शराब बेचने के लिए कुछ बाहरी लोग भी आए हुए हैं। लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए प्रयासरत नहीं दिख रहा है।
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जिले में ग्राम प्रधान चुनाव का प्रथम चरण 28 नवंबर को हसनपुर-गंगेश्वरी ब्लाक में है। यहां के ढकिया, नानई, कसाईपुरा, बिहारीपुर, पौरारा, दियावली, सिरसा गुर्जर, फत्तेपुरखादर, आदमपुर, गंगानगर, जैतोली, महमूदाबाद, मोहम्मदाबाद, बिजौरा, कासमपुर, डगरौली, डाके वाली मिलक, सौहरका आदि गंगा के किनारे के करीब दो दर्जन गांवों में अवैध शराब बनाने का कारोबार जोर-शोर से चल रहा है।
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इन गांवों में बनी कच्ची शराब ग्राम प्रधान चुनाव के कुछ उम्मीदवार वोट लेने की खातिर लोगों को पिला रहे हैं। ठीक इसी तरह दूसरा चरण का चुनाव 01 दिसंबर को जोया ब्लाक में है।
इसके लिए जोया के गांव पतेई खालसा, इकौंदा, कपासी, पूरनपुर, कटाई, श्योनाली, पायंती कलां, नूरी मुबारकपुर आदि डेढ़ दर्जन गांवों में अवैध शराब बनाने का धंधा चल रहा है।
कुछ गांव ऐसे भी हैं जहां हरियाणवी शराब लाकर बेची जा रही है। तीसरे चरण का चुनाव 05 दिसंबर को अमरोहा ब्लाक में, जबकि 09 दिसंबर को गजरौला-धनौरा ब्लाक में होने के मद्देनजर इस क्षेत्र के भी तमाम घरों में भटि्ठयां धधक रही हैं। इन्हें रोकने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग कोई प्रयास नहीं कर रही है।
हरियाणा से लाई गई है शराब
जिले में बड़ी मात्रा में हरियाणवी शराब चुनाव में खपाने के लिए लाई गई है। दूध की गाड़ियों से लेकर लग्जरी कारों और बसों-ट्रकों से यहां शराब लाई गई है। हरियाण में शराब सस्ती होने से चुनाव में दावेदारों ने हरियाणा से इसे मंगाया है। बताया जाता है कि, हरियाणा की शराब सस्ती है।
... पीने से जा सकती है जान
चुनाव में ऐसी दारू भी परोसी जा रही है जोकि जहरनुमा है। इसके अत्याधिक सेवन से जान भी जा सकती है। अब तक जिले में कई लोगों की मौत हुई है। हालांकि पुलिस ने उनका पोस्टमार्टम नहीं कराया है।
लेकिन यह माना जा रहा है कि ऐसी सस्ती दारू के अधिक पीने से यह जानें गईं हैं। आबकारी विभाग और पुलिस के अफसर इन मौतों का कारण दारू को नहीं मानते हैं।
मौत की कराएंगे जांच
जिलाधिकारी वेदप्रकाश ने जहरीली शराब या शराब के अधिक सेवन से मौत के मामलों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा है कि भले ही ऐसे लोगों के पोस्टमार्टम नहीं हुए हैं, लेकिन जांच कराई जाएगी।
उनकी मौत स्वाभाविक है या फिर उसमें शराब का कोई रोल है। यदि शराब के सेवन का मामला है तो किस प्रत्याशी ने दारू पिलाई है उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
जिले में कच्ची शराब तोड़ने से रोकने के लिए आबकारी विभाग और पुलिस अभियान चला रही है। लगातार कार्रवाई भी की गई है। हरियाणा की शराब भी बरामद की गई है। चुनाव में खपाने के लिए ऐसी शराब पिलाने वालों के नाम सामने आने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
-वेद प्रकाश जिलाधिकारी