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मैला कर लौट गए मां का आंचल
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Fri, 27 Nov 2015 12:27 AM IST
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कार्तिक पूर्णिमा पर उत्तर भारत के ऐतिहासिक तिगरी मेले का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। गंगा के घाटों पर हर ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
घाट और मेला परिसर में फैली गंदगी की बदबू से श्रद्धालु और तिगरी गांव के ग्रामीण बेहाल हैं। प्रशासन के सफाई के दावे खोखले साबित हुए हैं।
जिला पंचायत की ओर से लगाए गए तिगरी गंगा धाम मेले में लाखों की तादात में श्रद्धालु गंगा में गंगा स्नान कर पुण्य कमाने आते हैं।
इतना ही कार्तिक पूर्णिमा के मुख्य स्नान से कई दिन पहले से श्रद्धालु अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ गंगा घाट पर तंबू लगा कर डेरा डाल लेते हैं और मेले का जम कर लुत्फ उठाते हैं।
इस बार भी करीब पंद्रह लाख श्रद्धालुओं की मेले में भागीदारी रही। मेले में पतित पावनी गंगा धाट पर गंदगी न फैल सके इसके लिए प्रशासन ने 108 सफाई कर्मी मेले में लगाए थे।
बृहस्पतिवार को मेले का समापन हो गया। आलम ये है कि मेला परिसर में गंगा घाट तक गंदगी ही गंदगी नजर आ रही है। इससे बदबू फैल रही है।
बृहस्पतिवार को गंगा घाट पर स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं को बदबू के बीच गंगा में गोते लगाने पड़े। इतना ही नहीं बदबू से गंगा घाट से सटे गांव तिगरी के ग्रामीणों का जनजीवन दुश्वार हो गया है।
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ग्रामीणों ने उठाया था ये मुद्दा
गजरौला। मेले की तैयारियों के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष कमलेश आर्य की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों को तिगरी गांव की अंगूरी देवी धर्मशाला में कई बार बैठक हुई थी।
सभी बैठक में ग्रामीणों ने एक ही मुद्दा उठाया था कि मेला समापन के बाद गंगा घाट पर सफाई नहीं की जाती। उस समय जिला पंचायत अध्यक्ष और जिलाधिकारी समेत जिला पंचायत राज अधिकारी ने भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद स्थिति जैसे की तैसी है।
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घाट और मेला परिसर में फैली गंदगी की बदबू से श्रद्धालु और तिगरी गांव के ग्रामीण बेहाल हैं। प्रशासन के सफाई के दावे खोखले साबित हुए हैं।
जिला पंचायत की ओर से लगाए गए तिगरी गंगा धाम मेले में लाखों की तादात में श्रद्धालु गंगा में गंगा स्नान कर पुण्य कमाने आते हैं।
इतना ही कार्तिक पूर्णिमा के मुख्य स्नान से कई दिन पहले से श्रद्धालु अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ गंगा घाट पर तंबू लगा कर डेरा डाल लेते हैं और मेले का जम कर लुत्फ उठाते हैं।
इस बार भी करीब पंद्रह लाख श्रद्धालुओं की मेले में भागीदारी रही। मेले में पतित पावनी गंगा धाट पर गंदगी न फैल सके इसके लिए प्रशासन ने 108 सफाई कर्मी मेले में लगाए थे।
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बृहस्पतिवार को मेले का समापन हो गया। आलम ये है कि मेला परिसर में गंगा घाट तक गंदगी ही गंदगी नजर आ रही है। इससे बदबू फैल रही है।
बृहस्पतिवार को गंगा घाट पर स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं को बदबू के बीच गंगा में गोते लगाने पड़े। इतना ही नहीं बदबू से गंगा घाट से सटे गांव तिगरी के ग्रामीणों का जनजीवन दुश्वार हो गया है।
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ग्रामीणों ने उठाया था ये मुद्दा
गजरौला। मेले की तैयारियों के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष कमलेश आर्य की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों को तिगरी गांव की अंगूरी देवी धर्मशाला में कई बार बैठक हुई थी।
सभी बैठक में ग्रामीणों ने एक ही मुद्दा उठाया था कि मेला समापन के बाद गंगा घाट पर सफाई नहीं की जाती। उस समय जिला पंचायत अध्यक्ष और जिलाधिकारी समेत जिला पंचायत राज अधिकारी ने भी सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद स्थिति जैसे की तैसी है।