{"_id":"45-34206","slug":"Amroha-34206-45","type":"story","status":"publish","title_hn":"कचहरी के लॉकअप में बंदियों का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कचहरी के लॉकअप में बंदियों का हंगामा
Amroha
Updated Sat, 29 Nov 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। मुरादाबाद कारागार से पेशी पर आए बंदियों ने कचहरी के लॉकअप में जमकर हंगामा काटा। बंदियों की नाराजगी इसलिए थी, क्योंकि सुरक्षा में लगी गारद ने मुलाकात को आए परिजनों से सामान लेने पर रोक लगा रखी थी। बाद में एएसपी ने कचहरी पहुंचकर बंदियों को शांत किया।
मुरादाबाद कारागार से शुक्रवार को बंदियों को पेशी पर कचहरी लाया गया था। बंदियों के परिजन भी कचहरी में मुलाकात करने और उनका जरूरी सामान मुहैया कराने के लिए आए थे। लॉकअप के पास परिजन सामान देने के लिए पहुंचे तो लॉकअप के बाहर सुरक्षा में लगे सिपाहियों और दरोगा ने सामान देने और मुलाकात करने से मना कर दिया। इस पर बंदियों ने हवालात के अंदर से पुलिस को खरी-खोटी सुनाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। वहीं परिजन भी पुलिस से भिड़ने को तैयार हो गए। कचहरी में लॉकअप के पास मजमा लग गया। जानकारी मिलने पर एएसपी विजय गौतम ने कचहरी पहुंचकर बंदियों को शांत किया।
रुपये नहीं देने पर लगा दी रोक
अमरोहा। बंदियों के परिजनों ने आरोप लगाया कि सामान मुहैया कराने के लिए सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी रुपये मांग रहे थे। जब उन लोगों को रुपये नहीं दिए तो मुलाकात करने व सामान देने पर रोक लगा दी।
विज्ञापन
हर रोज उड़ती हैं कानून की धज्जियां
अमरोहा। मुरादाबाद से हर रोज अलग-अलग बंदियों को पेशी पर कचहरी लाया जाता है। कोर्ट में सुनवाई होने से पहले बंदियों को कचहरी में स्थित लॉकअप में बंद कर दिया जाता है और फिर यहां बंदियों के परिजन उन्हें उनकी जरूरत का सामान मुहैया कराते रहते हैं। यह सब पुलिस की मिलीभगत के कारण होता है। नियमानुसार परिजनों की यह मिलाई अवैध है।
कारागार से कुछ बंदी पेशी पर आए थे, वहीं उनके परिजन भी सामान लेकर आए थे, जो उन्हें देना चाहते थे। लेकिन नियमानुसार बंदियों को सामान दिया नहीं जा सकता। इसी वजह से मना कर दिया था। इस पर बंदियों का कुछ विरोध था। लेकिन शांत कर दिया गया।
-विजय गौतम, एएसपी
विज्ञापन
मुरादाबाद कारागार से शुक्रवार को बंदियों को पेशी पर कचहरी लाया गया था। बंदियों के परिजन भी कचहरी में मुलाकात करने और उनका जरूरी सामान मुहैया कराने के लिए आए थे। लॉकअप के पास परिजन सामान देने के लिए पहुंचे तो लॉकअप के बाहर सुरक्षा में लगे सिपाहियों और दरोगा ने सामान देने और मुलाकात करने से मना कर दिया। इस पर बंदियों ने हवालात के अंदर से पुलिस को खरी-खोटी सुनाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। वहीं परिजन भी पुलिस से भिड़ने को तैयार हो गए। कचहरी में लॉकअप के पास मजमा लग गया। जानकारी मिलने पर एएसपी विजय गौतम ने कचहरी पहुंचकर बंदियों को शांत किया।
विज्ञापन
रुपये नहीं देने पर लगा दी रोक
अमरोहा। बंदियों के परिजनों ने आरोप लगाया कि सामान मुहैया कराने के लिए सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी रुपये मांग रहे थे। जब उन लोगों को रुपये नहीं दिए तो मुलाकात करने व सामान देने पर रोक लगा दी।
विज्ञापन
हर रोज उड़ती हैं कानून की धज्जियां
अमरोहा। मुरादाबाद से हर रोज अलग-अलग बंदियों को पेशी पर कचहरी लाया जाता है। कोर्ट में सुनवाई होने से पहले बंदियों को कचहरी में स्थित लॉकअप में बंद कर दिया जाता है और फिर यहां बंदियों के परिजन उन्हें उनकी जरूरत का सामान मुहैया कराते रहते हैं। यह सब पुलिस की मिलीभगत के कारण होता है। नियमानुसार परिजनों की यह मिलाई अवैध है।
कारागार से कुछ बंदी पेशी पर आए थे, वहीं उनके परिजन भी सामान लेकर आए थे, जो उन्हें देना चाहते थे। लेकिन नियमानुसार बंदियों को सामान दिया नहीं जा सकता। इसी वजह से मना कर दिया था। इस पर बंदियों का कुछ विरोध था। लेकिन शांत कर दिया गया।
-विजय गौतम, एएसपी