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बच्चों की फीस जमा न कर पाने से आहत मजदूर की सदमे से मौत, परिजनों ने कॉलेज पर मढ़ा दोष
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Updated Wed, 24 Oct 2018 04:04 PM IST
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dead body
समय पर बच्चों की फीस जमा न कर पाने और उनकी पढ़ाई छूटने से आहत एक मजदूर की सदमे से मौत हो गई। परिजन कॉलेज प्रबंधन को जिम्मेदार मान रहे हैं। पुलिस को अभी तक कोई तहरीर नही मिली है।
फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के गांव मौजमाबाद के महामाया पब्लिक इंटर कॉलेज में गांव के ही श्रीपाल के दो बच्चे बबलू हाई स्कूल व मोहिनी इंटर में पढ़ते हैं। घर वालों ने बताया कि मजदूर श्रीपाल अपने बच्चों की फीस नहीं जमा कर पाया।
आरोप है कि फीस बाकी होने पर कॉलेज प्रशासन ने दोनों बच्चों को छमाही की परीक्षा से वंचित कर दिया। इस पर श्रीपाल सोमवार को स्कूल गए और फीस के बारे में अध्यापकों से बात करनी चाही तो उन्हें गेट पर ही रोक लिया गया और भला बुरा कहा गया। इससे क्षुब्ध श्रीपाल वापस घर आए।
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परिवार के मुताबिक अचानक श्रीपाल के सीने में दर्द उठा और वह गश खाकर गिर गए। थोड़ी ही देर में श्रीपाल की मौत हो गई। परिजन मौत के लिए कॉलेज प्रबंधन को जिम्मेदार मान रहे हैं। हांलाकि परिजनों ने लिखित में कोई शिकायत नहीं की है।
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फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के गांव मौजमाबाद के महामाया पब्लिक इंटर कॉलेज में गांव के ही श्रीपाल के दो बच्चे बबलू हाई स्कूल व मोहिनी इंटर में पढ़ते हैं। घर वालों ने बताया कि मजदूर श्रीपाल अपने बच्चों की फीस नहीं जमा कर पाया।
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आरोप है कि फीस बाकी होने पर कॉलेज प्रशासन ने दोनों बच्चों को छमाही की परीक्षा से वंचित कर दिया। इस पर श्रीपाल सोमवार को स्कूल गए और फीस के बारे में अध्यापकों से बात करनी चाही तो उन्हें गेट पर ही रोक लिया गया और भला बुरा कहा गया। इससे क्षुब्ध श्रीपाल वापस घर आए।
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परिवार के मुताबिक अचानक श्रीपाल के सीने में दर्द उठा और वह गश खाकर गिर गए। थोड़ी ही देर में श्रीपाल की मौत हो गई। परिजन मौत के लिए कॉलेज प्रबंधन को जिम्मेदार मान रहे हैं। हांलाकि परिजनों ने लिखित में कोई शिकायत नहीं की है।
उधर कॉलेज के प्रधानाचार्य गौतम प्रसाद का कहना है कि दोनों बच्चे हमारे स्कूल में पढ़ाई करते थे। बीते वर्ष की 1750 रुपये फीस बाकी होने के कारण छात्र बबलू का नाम काट दिया गया था जबकि मोहिनी इंटर की छात्रा है। चार किस्तों में पूरे साल की फीस ली जाती है।
फीस के नाम पर अभी तक सिर्फ 500 रुपये परिजनों ने जमा किए हैं। इस वर्ष के 6535 रुपये व बीते वर्ष के 1750 रुपये बाकी होने के कारण मोहिनी को परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। श्रीपाल कॉलेज नहीं आए थे।
फीस के नाम पर अभी तक सिर्फ 500 रुपये परिजनों ने जमा किए हैं। इस वर्ष के 6535 रुपये व बीते वर्ष के 1750 रुपये बाकी होने के कारण मोहिनी को परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। श्रीपाल कॉलेज नहीं आए थे।