चंदे की चोरी: 'अखिलेश को भगवान राम से कोई सहानुभूति नहीं, उनका मुख्य उद्देश्य चुनाव जीतना'; सपा प्रमुख पर हमला
राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी के मामले पर विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, "...समाजवादी पार्टी को भगवान राम से कोई लगाव नहीं है। कांग्रेस को भी भगवान राम से कोई लगाव नहीं है। हमने उन्हें प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का न्योता दिया था। कांग्रेस ने प्रेस रिलीज़ के ज़रिए इसे ठुकरा दिया।
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विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी के मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधा। आलोक कुमार ने कहा कि इन दलों को भगवान राम से कोई लगाव नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल 2027 के विधानसभा चुनावों में इन मुद्दों का फायदा उठाना चाहते हैं। आलोक कुमार ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का न्योता कांग्रेस ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिये ठुकरा दिया था। उन्होंने कहा कि जनता पैसे की हेराफेरी करने वालों को माफ नहीं करेगी।
इसी तरह भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वालों को भी जनता माफ नहीं करेगी। आलोक कुमार ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को भगवान राम के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है। वे केवल चुनाव जीतना चाहते हैं।
जांच की चुनौती
आलोक कुमार ने कहा कि समाजवादी पार्टी राम मंदिर के लिए चंदे के मुद्दे का इस्तेमाल हथियार की तरह कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्व हिंदू परिषद जांच से पीछे नहीं हटेगी। आलोक कुमार ने अखिलेश यादव को विशेष जांच दल के सामने पेश होने की चुनौती दी।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने चाहिए। यदि वे विशेष जांच दल के सामने पेश नहीं होते और सबूत नहीं देते हैं, तो उनकी बातें केवल डींगें मानी जाएंगी। आलोक कुमार ने उनकी ईमानदारी की कमी पर भी सवाल उठाया।
सर्वदलीय समिति का खंडन
आलोक कुमार ने राजनीतिक दलों की एक सर्वदलीय समिति से जांच के सुझाव को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इस सुझाव का मतलब जांच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष या राहुल गांधी को सौंपना है। उन्होंने याद दिलाया कि ये वही लोग हैं जिन्होंने कार सेवकों पर गोलियां चलवाई थीं।
आलोक कुमार ने सवाल किया कि क्या राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि आपराधिक मामलों की जांच कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कानून उन्हें यह अधिकार नहीं देता है। जनता को तभी विश्वास होगा जब निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय अधिकारी जांच के स्थापित तरीकों का उपयोग करेंगे।
अन्य ट्रस्टों की जांच की मांग
आलोक कुमार ने रामालया ट्रस्ट की भी जांच की मांग की। उन्होंने बताया कि इस ट्रस्ट ने विज्ञापन पट्ट लगाए थे कि वे सोने का मंदिर बनाएंगे। रामालया ट्रस्ट ने हर हिंदू से 10 ग्राम सोना दान करने को कहा था।
उन्होंने राम जन्मभूमि पुनरुत्थान ट्रस्ट की भी जांच करवाने को कहा। आलोक कुमार ने कहा कि इस ट्रस्ट ने मंदिर नहीं बनाया। उन्होंने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की भी जांच की मांग की। आलोक कुमार ने कहा कि जहां भी कोई दोषी हो, उसकी जिम्मेदारी तय कर उसे सजा मिलनी चाहिए। किसी के लिए कोई सहानुभूति नहीं होनी चाहिए।
#WATCH | Delhi | On the alleged Ram Mandir donation embezzlement case, International President, Vishva Hindu Parishad, Alok Kumar says, "...I am satisfied that as soon as the allegations were made, the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust wrote a letter to the Chief… pic.twitter.com/nYlhykO0sd
— ANI (@ANI) June 21, 2026