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प्रशिक्षण के बाद नहीं मिल पा रहा युवाओं को खादी के जूता उद्योग के लिए कर्ज
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युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए खादी ग्रामोद्योग आयोग की ओर से पिछले साल से दो चरणों में प्रशिक्षण तो दे दिया गया। लेकिन उनको उद्योग खड़ा करने के लिए अभी तक उन्हें कर्ज मुहैया नहीं किया जा सका है। स्थिति यह है कि अब उन युवाओं को प्रशिक्षण लेने के बाद अन्य शहरों में दूसरे काम करने जाने पड़ रहा है।
आदर्श ब्लॉक सेवापुरी के नौनखरा गांव में खादी ग्रामोद्योग आयोग की ओर 18 युवाओं को नवंबर 2020 में पहले चरण में जूते चप्पल बनाने के लिए 60 दिन का प्रशिक्षण दिया गया। इसी तरह दूसरे चरण में 22 युवाओं को जनवरी 2021 में प्रशिक्षण दिया गया। जिसका उद्देश्य युवाओं को खुद के उद्योग लगाने योग्य बनाना था।
पहले चरण के बेस्ट अवार्डी प्रशिक्षु विजय विश्वकर्मा ने बताया कि उन्होंने जूते चप्पल बनाने का प्रशिक्षण लिया था। उद्योग लगाने के लिए अजय, राजकुमार, रितेश, शुभम सहित 10 युवाओं का समूह भी तैयार है। सामूहिक खाता भी खुल गया है। मगर अभी तक आयोग के माध्यम से मिलने वाला कर्ज नहीं मिल पाया।
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उद्योग लगाने के लिए पांच आवेदन मिले थे। जिसको बैंक को फॉरवर्ड कर दिया गया है। हालांकि वित्त वर्ष की क्लोजिंग के कारण पैसे जारी नहीं हो पाया। जल्द ही बैंक द्वारा जारी किया जाएगा। - डीएस भाटी, निदेशक खादी ग्रामोद्योग आयोग
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आदर्श ब्लॉक सेवापुरी के नौनखरा गांव में खादी ग्रामोद्योग आयोग की ओर 18 युवाओं को नवंबर 2020 में पहले चरण में जूते चप्पल बनाने के लिए 60 दिन का प्रशिक्षण दिया गया। इसी तरह दूसरे चरण में 22 युवाओं को जनवरी 2021 में प्रशिक्षण दिया गया। जिसका उद्देश्य युवाओं को खुद के उद्योग लगाने योग्य बनाना था।
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पहले चरण के बेस्ट अवार्डी प्रशिक्षु विजय विश्वकर्मा ने बताया कि उन्होंने जूते चप्पल बनाने का प्रशिक्षण लिया था। उद्योग लगाने के लिए अजय, राजकुमार, रितेश, शुभम सहित 10 युवाओं का समूह भी तैयार है। सामूहिक खाता भी खुल गया है। मगर अभी तक आयोग के माध्यम से मिलने वाला कर्ज नहीं मिल पाया।
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उद्योग लगाने के लिए पांच आवेदन मिले थे। जिसको बैंक को फॉरवर्ड कर दिया गया है। हालांकि वित्त वर्ष की क्लोजिंग के कारण पैसे जारी नहीं हो पाया। जल्द ही बैंक द्वारा जारी किया जाएगा। - डीएस भाटी, निदेशक खादी ग्रामोद्योग आयोग