UP: न वर्दी असली, न विभाग से नाता, इंस्टा पर 'आरटीओ वाले भैयाजी' बनकर ठगता था युवक, ARTO की शिकायत पर अरेस्ट
Chandauli News: सोशल मीडिया पर खुद को 'आरटीओ वाले भैयाजी' बताकर सरकारी रौब झाड़ने और ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन संबंधी कार्य कराने के नाम पर वसूली करने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। एआरटीओ की शिकायत पर कार्रवाई हुई। जांच में आरोपी का परिवहन विभाग से कोई संबंध नहीं मिला। उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
विस्तार
UP News: परिवहन विभाग का अधिकारी बनकर लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन संबंधी कार्य जल्द कराने का झांसा देने वाले युवक को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी इंस्टाग्राम पर 'rtowale_bhaiyaji_up67' नाम से फर्जी आईडी चलाकर खुद को परिवहन विभाग से जुड़ा अधिकारी बताता था और ऑनलाइन पैसे वसूलता था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) को सोशल मीडिया पर विभाग के नाम के दुरुपयोग की जानकारी मिली। शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की और आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक की पहचान आदित्य कुमार के रूप में हुई है। वह इंस्टाग्राम पर परिवहन विभाग का प्रभावशाली कर्मचारी होने का दावा करता था। फर्जी पहचान के जरिए लोगों का विश्वास जीतने के बाद वह ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और अन्य परिवहन संबंधी कार्य जल्दी कराने का आश्वासन देकर ऑनलाइन रुपये अपने खाते में मंगवाता था।
एआरटीओ की शिकायत पर खुला पूरा खेल
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति परिवहन विभाग के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को गुमराह कर रहा है। वह सरकारी अधिकारी होने का दावा करते हुए ऑनलाइन भुगतान कराने के बाद लोगों से संपर्क तोड़ देता था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थाना चंदौली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
तकनीकी जांच से पुलिस पहुंची आरोपी तक
क्षेत्राधिकारी सदर देवेंद्र कुमार ने बताया कि साइबर तकनीक और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि ''rtowale_bhaiyaji_up67'' नाम की आईडी चंदौली का आदित्य कुमार संचालित कर रहा था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
कितने लोगों को बनाया शिकार, जांच जारी
पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन, बैंक खातों और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि उसने अब तक कितने लोगों से ठगी की और कितनी धनराशि वसूली। आशंका है कि जिले के अलावा अन्य जनपदों के लोग भी उसके झांसे में आए हो सकते हैं।
ऐसे करता था ठगी का खेल
- इंस्टाग्राम पर ''rtowale_bhaiyaji_up67'' नाम से फर्जी आईडी बनाई।
- खुद को परिवहन विभाग का कर्मचारी/अधिकारी बताता था।
- ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, परमिट और अन्य कार्य जल्द कराने का दावा करता था।
- ऑनलाइन भुगतान कराने के बाद लोगों से संपर्क कम कर देता था।
- विभाग की साख का फायदा उठाकर लोगों का भरोसा जीतता था।