योगी राज के 30 दिन : पीएम के संसदीय क्षेत्र में दिन रात हो रहा काम
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की धमक दिखने लगी है। अफसरों के कामकाज का तरीका बदल गया है। बेहद सुस्त गति से चल रहे मंडुवाडीह आरओबी और चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर निर्माण कार्य का निरीक्षण डीएम ने खुद किया।
सेतु निगम और रेलवे के अधिकारियों को समय से काम पूरा करने की हिदायत दी। डीएम मंडुवाडीह आरओबी का निरीक्षण करने पहली बार गए थे। यही नहीं, अरसे बाद कमिश्नर भी चल रहे विकास कार्यों का मौका-मुआयना करने पहुंचे। दोनों अधिकारी एक-एक योजना की मॉनीटरिंग स्वयं कर रहे हैं।
विकास कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने कमिश्नर को लखनऊ बुलाकर अलग से बैठक की। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना यहां आकर समीक्षा कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने भी मई में यहां आकर विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन करने की मंशा जताई है।
नतीजा, सपा सरकार में जो निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहे थे, अब उनमें तेजी आ गई है। निर्धारित अवधि में काम पूरा करने के सीएम के निर्देश के बाद चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर का निर्माण रात दिन तीन शिफ्ट में चल रहा है। रिंग रोड के लिए मुआवजा बांटने का काम तेजी से चल रहा है।
ट्रांस वरुणा सीवर पाइप लाइन योजना के तहत सीवर कनेक्शन देन शुरू कर दिया गया है। 15 जून तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए संबंधित विभाग कार्ययोजना बना रहे हैं।
घपले-घोटाले भी उजागर हो रहे हैं। जल निगम के 500 करोड़ रुपये की पेयजल पाइप लाइन में गड़बड़ी की जांच टीएसी ने कर ली है। सबूत हाथ लगने पर शासन भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे वरुणा कॉरिडोर की जांच करा सकता है। इस मामले में सपा सरकार के एक मंत्री की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध रही है।
पिछले एक महीने में ऐसा रहा योगी सरकार का कामकाज
स्थलीय निरीक्षण से काम तेज हुआ
योगी सरकार बनने के बाद सेतु निगम, पीडब्ल्यूडी, विकास भवन, आपूर्ति विभाग, बिजली विभाग विभागों के अफसरों की मानसिकता और कार्यशैली बदल गई है। पहले जो केवल बैठकों तक सीमित थे वे अब निरीक्षण पर जोर देने लगे हैं। सुबह से 10 से 5 के बजाय रात 8 से 10 बजे तक काम कर रहे हैं। निर्माण कार्य कराने वाली एजेंसियों ने काम तेज तो कर दिया है लेकिन समय पर पूरा करेंगे अभी इस पर संशय है।
आईडब्ल्यूएआई की फाइल आगे बढ़ी
भाजपा की सरकार बनते ही छह महीने से भी ज्यादा समय से मुख्यमंत्री कार्यालय में अटकी आईडब्ल्यूएआई की फाइल (कछुआ सेंक्चुअरी में शर्तों के साथ पानी के जहाज चलाने संबंधित रिपोर्ट) नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड को भेज दी गई। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में भी तेजी आई। पिछले तीन साल से अटके पड़े लाइट एंड साउंड शो का काम ने भी इसी दौरान रफ्तार पकड़ ली है।
डर से ड्यूटी करने लगे डॉक्टर
पहले जहां अस्पतालों, विभागों में जांच केंद्र, दवा स्टोर आदि की सूची नहीं लगती थी, वहीं अब हर जगह सूचना चस्पा हो गई है। इसके अलावा जगह-जगह पान, गुटखा खाने, गंदगी करने पर 200 रुपये जुर्माने की जानकारी भी दी जा रही है। कार्रवाई के डर से अब डॉक्टर भी सुबह ओपीडी में समय से बैठ रहे हैं। अस्पतालों में चल रहे निर्माण कार्य में भी तेजी आई है।
पुलिस सक्रिय हुई लेकिन अपराध नहीं घटे
पुलिस सक्रिय हुई है लेकिन अपराध नहीं घटे हैं। हालांकि अब थानों पर सभी मामलों का मुकदमा दर्ज होने लगा है। आठ अप्रैल को ठठेरी बाजार में सर्राफ संजय अग्रवाल की दूकान में हाल के सालों की सबसे बड़ी डकैती पड़ी। 13 अप्रैल को शहर के चार स्थानों पर उचक्कागीरी की चार घटनाएं हुई तो 14 अप्रैल को चोलापुर में सर्राफ को बंधक बनाकर लूटा गया। किसी न किसी थाना क्षेत्र में रोजाना चोरी हो रही है।
अलग होगा वर्कशाप, तीन मंजिला होगा भवन
रोडवेज बस स्टेशन को मॉडल बस स्टेशन बनाने की कवायद शुरू हो गई है। कमिश्नर, डीएम और रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक की नई दिल्ली में सड़क परिवहन मंत्रालय में बैठक हो चुकी है। अलग वर्कशाप, रोडवेज के मुख्य परिसर में तीन मंजिला नई बिल्डिंग, एसी वेटिंग हाल समेत कई नई सुविधाओं की सौगात मिलेगी। जल्दी ही प्रदेश सरकार केंद्र को प्रस्ताव भेजेगी।