योगी राज : अपने बाहुबलियों पर रहम, गैरों पर सितम
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सूबे में योगी राज आने के बाद प्रदेश सरकार ने पूर्वांचल के बाहुबलियों को जोरदार झटका देते हुए उन्हें गृह जिले की जेलों से काफी दूर भेज दिया गया। साथ ही उन पर निगरानी भी बढ़ा दी गई। अब योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है जिससे वे विरोधियों के निशाने पर आ गए हैं।
प्रदेश सरकार ने भाजपा नेता और इलाहाबाद के बाहुबली करवरिया बंधुओं को रविवार को जिला जेल से नैनी जेल स्थानांतरण किया जाएगा। तीन माह पूर्व उदयभान करवरिया, कपिल मुनि करवरिया और सूरज भान करवरिया को जिला जेल मिर्जापुर में स्थानांतरित किया गया था।
शासन से आदेश आया है कि तीनों भाइयों को फिर नैनी सेंट्रल जेल भेजा जाए। रविवार को तीनों को नैनी सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया जाएगा। जानकार लोग प्रदेश सरकार के इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे जनता के बीच गलत संदेश जाएगा क्योंकि करवरिया बंधु उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के करीबी माने जाते हैं।
इससे पहले बाहुबली एमएलसी बृजेश सिंह की भी जेल नहीं बदली गई थी। इसे लेकर विरोधियों में आक्रोश था। सरकार ने पिछले महीने बाहुबली मुन्ना बजरंगी को झांसी से 500 किमी दूर पीलीभीत जेल भेज दिया था। वहीं इलाहाबाद के बाहुबली अतीक अहमद को इलाहाबाद से देवरिया जेल भेज दिया गया।
मऊ सदर से विधायक मुख्तार अंसारी को लखनऊ की सुविधाजन जेल से बांदा जेल भेज दिया गया है। जेल बदलने के साथ ही इन बाहुबलियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर उठाना शुरू कर दिया है। मुख्तार अंसारी ने तो एक केंद्रीय मंत्री से अपनी जान का खतरा बताया था और सीएम योगी से सुरक्षा देने की मांग की थी।
वाराणसी जेल में बंद हैं मुख्तार अंसारी के विरोधी बृजेश सिंह
उधर, उनके परिवार वालों ने कहा था कि योगी सरकार पक्षपात कर रही है। उन्होंने कहा कि बृजेश सिंह की जेल को नहीं बदला गया है और वह अभी भी वाराणसी जेल में बंद हैं। परिवार वालों ने आरोप लगाया कि ऐसा सिर्फ इसलिए हो रहा है क्योंकि बृजेश सिंह एमएलसी हैं और उनके भाई भाजपा विधायक हैं।
अधिकारियों के मुताबिक तीनों ही बाहुबली योगी सरकार की हनक महसूस कर रहे हैं। अपने गृह जिले से काफी दूर भेजे जाने से उन्हें घर के खाने और बिस्तर की कमी महसूस होगी। इससे वे परेशान हैं।
सूबे के प्रधान सचिव गृह देवाशीष पंडा ने इन बाहुबलियों के जेल बदलने के आदेश में कहा है कि नई जेल में उन्हें कड़ी निगरानी में रखा जाए और कोई भी अतिरिक्त सुविधा न दी जाए। कहा कि कोई भी बाहुबली मोबाइल फोन का इस्तेमाल न कर सके ताकि वह आपराधिक गतिविधियों को अंजाम न दे सके।