PM के संसदीय क्षेत्र को योगी सरकार का तोहफा, चकाचक होंगे अस्पताल
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कबीरचौरा स्थित शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल एवं रामनगर के लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय को मॉडल अस्पताल बनाया जाएगा। भवन विस्तार के साथ ही यहां आईसीयू, लैप्रोस्कोपिक, ओपीडी समेत अन्य सुविधाएं होंगी। बेड भी बढ़ाए जाएंगे।
शासन स्तर से लखनऊ की इंजीनियरों की टीम एक सप्ताह में इसका सर्वे शुरू करेगी। डीएम और सीएमओ इसकी मानीटरिंग करेंगे। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत केंद्र से मदद ली जाएगी। यह बातें सूबे के स्वास्थ्य मंत्री एवं सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कही। वह शनिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
मंत्री ने बताया कि शिवपुर पीएचसी समेत कई अस्पताल ऐसे हैं जहां काफी जगह है। ऐसे अस्पतालों को पीपीपी के तहत उच्चीकृत किया जाएगा। यह भी कहा कि सूबे के स्वास्थ्य महकमे की हालत बेहद खराब है। पूरे सिस्टम की ओवरहार्लिंग की जरूरत है। ज्यादातर अस्पतालों के डाक्टर सादी पर्ची पर दवाएं लिखते हैं जो गलत है।
दवाओं के लिए बजट जारी होता। अस्पताल में भी दवाएं भेजी जाती हैं लेकिन वह मरीजों तक नहीं पहुंचती। दवाओं में काफी गोलमाल है। अनियमितताओं की जांच कराने लगेंगे तो पांच साल इसी में बीत जाएगी। हमें एक क बड़ी लकीर खींचनी है।
प्रदेश के सभी सीएचसी और पीएचसी को और बेहतर किया जाएगा। डाक्टरों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। बता दें कि सिद्धार्थनाथ सिंह पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती हैं।
सूबे में है सात हजार डाक्टरों की कमी
सूबे में 20 हजार लोगों पर एक डाक्टर हैं। यहां सात हजार एमबीबीएस डाक्टरों की कमी है। इस कमी को जल्द ही पूरा किया जाएगा। डाक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए कुछ नए प्रयोग किए जाएंगे। अगली कैबिनेट में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा।
पंद्रह से एक महीने का समय लग सकता है। सुबह के बाद शाम को भी ओपीडी चलाने के साथ रिटायर हो चुके डाक्टरों की सेवा लेने का भी प्रस्ताव है। निजी डॉक्टरों से वार्ता कर उनकी सेवाएं भी ली जा सकती है।
जेनेरिक दवाओं के मसले पर उन्होंने कहा कि जल्द ही सूबे में सौ जन औषधि केंद्र खुलेंगे जहां सस्ती दवाएं मिलेंगी। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार से वार्ता हुई है। जल्द ही एमओयू साइन होगा और दो महीने में जन औषधि कें द्र खुलेंगे। गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में ऐसी व्यवस्था चल रही है।