योगी सरकार की पहल: काशी की पंचक्रोशी परिक्रमा को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान, 70 किमी मार्ग का होगा संपूर्ण विकास
प्रदेश सरकार ने काशी की पंचक्रोशी यात्रा को आसान करने के लिए धार्मिक मार्ग के संपूर्ण विकास की योजना बनाई है। करीब 70 किलोमीटर की पंचक्रोशी यात्रा श्रद्धालु नंगे पांव करते हैं।
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उत्तर प्रदेश सरकार बनारस की पंचक्रोशी परिक्रमा को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने की तैयारी में है। योगी सरकार 55.93 करोड़ की लागत से 70 किमी के मार्ग पर पड़ने वाले 108 मुख्य मंदिरों, 44 धर्मशालाओं और कुंडों का जीर्णोद्धार कराएगी। तीन चरणों में जिले के मंदिरों, कुंडों और यात्री विश्रामालयों का सुंदरीकरण कराया जाएगा।
पहले चरण पर 9.92 करोड़, दूसरे चरण में 23.86 करोड़ और तीसरे चरण में 22.15 करोड़ से धार्मिक स्थलों व रिवर फ्रंट के जीर्णोद्धार और विकास पर खर्च होगा। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि करीब 70 किलोमीटर की पंचक्रोशी यात्रा में श्रद्धालु नंगे पांव रहते हैं।
श्रद्धालु साल भर कर सकेंगे धार्मिक यात्रा
प्रदेश सरकार ने पंचक्रोशी यात्रा को आसान करने के लिए धार्मिक मार्ग के संपूर्ण विकास की योजना बनाई है। इससे लोग साल भर इस धार्मिक यात्रा को कर सकेंगे और इससे लोगों को इसके महत्व का पता चल सकेगा। वाराणसी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि यात्रा पड़ावों में ऐतिहासिक महत्व के सभी कुंडों को सजाया संवारा जाएगा।
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खुले स्थान या कथा स्थल में उद्यानों को लैंडस्केपिंग के माध्यम से खूबसूरत बनाया जाएगा। पड़ावों या मंदिरों के आसपास अस्थायी आश्रयों या बैठने की सुविधाओं का विकास होगा, जिससे श्रद्धालुओं को आरामदायक जगह मिलेगी। वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने कहा कि योजना के लिए शासन को डीपीआर भेजा जा चुका है। तीन चरणों में योजना पूरी होगी। अनुमति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
साइनेज पर होगी मार्ग स्थल की पूरी जानकारी
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