मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकाप्ट नहीं भर सका उड़ान, अधिकारियों के हाथ-पांव फूले
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार की रात सड़क मार्ग से हिचकोले खाते हुए वाराणसी पहुंचे। मऊ में चुनावी जनसभा को संबोधित करने के बाद दृश्यता की समस्या के चलते मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर उड़ान नहीं भर सका। इसके बाद मऊ से गाजीपुर के रास्ते मुख्यमंत्री अपने काफिले के साथ रात नौ बजे वाराणसी पहुंचे।
मुख्यमंत्री के सड़क मार्ग के आगमन की सूचना के बाद अफसरों की सांस फूली रही। बनारस में खराब सड़क के कारण आनन फानन में मुख्यमंत्री का रास्ता बदला गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला मऊ से वाराणसी के चौबेपुर कस्बे की जर्जर सड़क से ही गुजारना था। जिले के सभी आला अधिकारी इस ज्यादा सड़क को देखकर परेशान हो गए।
थोड़ी देर बाद जेसीबी लाकर सड़क को समतल करने का प्रयास किया गया। फिर टैंकर से पानी का छिड़काव किया गया। फिर भी हालत ठीक नहीं नहीं लगी तो आनन-फानन में अधिकारियों ने बहादुरपुर से बनकर गांव के बाईपास से किसी तरह मुख्यमंत्री के काफिले को आनन-फानन में निकाला गया। मऊ से बनारस जाते समय चौबेपुर की ऊबड़खाबड़ सड़कों को बाइपास करने के चक्कर मे निर्माणाधीन हाईवे के अंडरपास तक सीएम का काफिला ले जाया गया।
मऊ से वाराणसी 120 किलोमीटर की दूरी में कई जगहों पर सड़क बहुत ही जर्जर थी। बनारस में रास्ता बदलने के बाद भी मुख्यमंत्री को कई जगह खराब सड़क का सामना हुआ। ऐसे में अधिकारियों की घिग्घी बंधी हुई है। रास्ते में पड़ने वाले रेलवे क्रासिंग को भी बहुत ज्यादा जरुरत नहीं होने पर गेट नहीं करने के लिए अलर्ट किया गया था। इसके अलावा पूरे रुट पर पुलिस को तैनात किया गया था।