फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Year Ender 2020: For the first time in independent India trains was stopped due to Corona 38 days later trains started again

Year Ender 2020: कोरोना के कारण आजाद भारत में पहली बार स्टेशनों पर पसरा सन्नाटा, 38 दिन बाद ट्रेनों ने पकड़ी रफ्तार

Mon, 28 Dec 2020 03:50 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Mon, 28 Dec 2020 03:50 PM IST
विज्ञापन
Year Ender 2020: For the first time in independent India trains was stopped due to Corona 38 days later trains started again
ट्रेनों की आवाजाही बंद होने के बाद घर से दूर रहने वाले लोग वाहनों से घर पहुंचे। - फोटो : अमर उजाला।

देश की आजादी के बाद कभी भी रेलवे का पहिया लगातार 38 दिनों तक जाम नहीं था। मगर, कोरोना ने ऐसा कहर ढाया कि रेलवे की यात्री सेवाएं ठप हो गईं। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू और 24 मार्च को देशभर में लॉकडाउन की घोषणा हुई तो जहां तहां ट्रेनें थम गईं। यार्ड और वाशिंग लाइन में शंट हो गईं थीं। माहौल सामान्य हुआ तो दो मई को पहली ट्रेन आर्मी स्पेशल कैंट रेलवे स्टेशन से होकर गुवाहाटी गई थी। अहमद नगर से गुवाहाटी को जाने वाली 22 कोच की इस ट्रेन में 1000 जवान सवार थे। न ही कोई कैंट पर उतरा और न ही सवार हुआ था।

विज्ञापन



कोरोना से पहले जहां 146 ट्रेनें रोजाना कैंट स्टेशन से देश के विभिन्न प्रांतों को गुजरती थीं, लगभग डेढ़ लाख यात्रियों की आवाजाही होती थी। वह सब ठप था। चार मई को जालंधर से बलिया के बीच श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई गई जो कैंट स्टेशन से होकर गुजरी थी। इसके बाद तो मई तक सिर्फ श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का ही आवागमन होता रहा, लेकिन एक जून से यात्री सेवाएं भी बहाल हुईं तो बनारस से कामायनी एक्सप्रेस, महानगरी, शिवगंगा, महामना, आनंद विहार, गाजीपुर के लिए सुहेलदेव एक्सप्रेस का संचालन शुरू हुआ था। देश के विभिन्न राज्यों के फंसे हुए यात्रियों को कैंट रेलवे स्टेशन के यात्री हाल में ठहराया गया था।

विज्ञापन

Year Ender 2020: For the first time in independent India trains was stopped due to Corona 38 days later trains started again
कैंट स्टेशन पर पहुंची तेलंगाना एक्सप्रेस-साबरमती एक्सप्रेस। - फोटो : अमर उजाला।

125 ट्रेनों के डेढ़ लाख श्रमिकों का भरा था पेट
कैंट स्टेशन पर 126 ट्रेनों से काशी आए डेढ़ लाख श्रमिकों को भोजन व पानी दिया गया। वहीं स्टेशन से बिहार, झारखंड, बंगाल के लिए जाने वाले दस लाख यात्रियों को जिला प्रशासन व समाजसेवी संगठनों ने भोजन व पानी उपलब्ध कराया। 

9 माह बाद भी नहीं शुरू हो सका जनरल टिकट
कोरोना का असर ऐसा था कि यात्री ट्रेनों में सफर करने के लिए यात्रियों को आरक्षण टिकट ही लेना पड़ा। एक जून से ट्रेनें खुलीं तो अब तक आरक्षित टिकट से ही सफर को अनुमति है। लेकिन जनरल टिकट अब तक नहीं शुरू हो सका।

Year Ender 2020: For the first time in independent India trains was stopped due to Corona 38 days later trains started again
मंडुवाडीह स्टेशन पर खड़ी आइसोलेशन कोच वाली ट्रेन - फोटो : अमर उजाला

रेलवे कोच बन गए आईसोलेशन कोच
पूर्वोत्तर रेलवे ने ट्रेन के खाली रैक को ही आईसोलेशन कोच में तब्दील कर दिया था। रेलवे के इतिहास में पहली बार हुआ था कि कोच को मेडिकल उपकरणों से लैस किया गया। 11 स्टेशनों पर आइसोलेशन कोच बनाए गए थे। 

सैनिटाइजर और मास्क का उत्पादन भी हुआ
गाजीपुर के औड़िहार डेमू शेड में रोजाना सैनिटाइजर का उत्पादन किया जा रहा था। कारखानों में रेल अभियंताओं ने पैडल सैनिटाइजर मशीन, टचलेस वाश बेसिन और संक्रमण रोधी टनल तक बना दिया था। 

90 मिनट पहले पहुंचे स्टेशन, बिना टिकट यात्रा नहीं
कोरोना काल में 90 मिनट पहले स्टेशन पहुंच अनिवार्य कर दिया गया। ऐसा थर्मल स्क्रीनिंग व इमेज स्कैनर से जांच प्रकिया से होकर ही प्लेटफार्म पर जाने के लिए करना पड़ा। बगैर कंफर्म टिकट के ट्रेनों में सफर करने की अनुमति नहीं है।

विज्ञापन

कोच को दिया नया रंग रूप
लाकडाउन लगा पर रेलवे के मालगाड़ी और पार्सल गाड़ियों की रफ्तार नहीं थमी। बल्कि ज्यादा की संख्या में पार्सल ट्रेनें चलाई गईं। वहीं रेलवे मैकेनिकल शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों ने रेलवे कोच को भी नया रंग रूप दिया। 

मिली तीसरी कारपोरेट ट्रेन काशी-महाकाल
आईआरसीटीसी की तीसरी कारपोरेट ट्रेन काशी-महाकाल एक्सप्रेस को पीएम नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को हरी झंडी दिखाकर कैंट स्टेशन से महाकाल उज्जैन के लिए रवाना किया था। अधिकारिक यात्रा 20 फरवरी को शुरू हुई थी। 

रेलवे की उपलब्धियां

  • पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से औड़िहार-भटनी दोहरीकरण का विद्युतीकरण किया गया।
  • मंडुवाडीह से माधो सिंह दोहरीकरण विद्युतीकरण लगभग 42 किमी का किया गया।
  • बनारस से गोरखपुर के बीच विद्युत इंजन से ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ।
  • कैंट रेलवे स्टेशन पर नई बिल्डिंग में जीआरपी थाना खुला।
  • वर्तमान में प्रमुख 50 स्पेशल ट्रेनों का कैंट स्टेशन से हो रहा आवागमन
  • लगभग 50 हजार यात्रियों की रोजाना है आवाजाही
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed