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बनारसः होटल में छापामारी, दुर्लभ वन्य जीव पैंगोलिन बरामद, 10 तस्कर गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 23 Apr 2018 10:30 AM IST
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एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने 10 गिरफ्तार किए
- फोटो : अमर उजाला
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एसटीएफ की वाराणसी इकाई और वन विभाग की संयुक्त टीम ने रविवार को सिगरा स्थित होटल प्रिया के कमरा नंबर 309 में छापामारी कर दुर्लभ वन्य जीव पैंगोलिन बरामद किया। इसके साथ ही कमरे से 10 लोग आठ मोबाइल के साथ गिरफ्तार किए गए। आरोपियों को सिगरा पुलिस को सुपुर्द कर पैंगोलिन को वन विभाग की टीम को सौंप दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की शिनाख्त कचहरी के मो. शहजाद, पांडेय हवेली के शकील अहमद व शमीम अख्तर, सोनभ्रद के विढंमगंज के सलहिया डीह के सुरेंद्र कुमार गुप्ता, बिहार के वैशाली के मदनेश कुमार सिंह, पटना के अशोक कुमार, नालंदा के बृज मोहन सिंह, समस्तीपुर के महेश कुमार और सीतामढ़ी के संदीप कुमार के तौर पर हुई है।
एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक कुमार सिंह के अनुसार नई दिल्ली स्थित वन्य जीव अपराध ब्यूरो ने प्रदेश में पैंगोलिन के अवैध व्यापार की जानकारी दी थी। इसकी तफ्तीश के लिए एएसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी को लगाया गया तो पता लगा कि सोनभद्र से कुछ लोग पैंगोलिन लेकर आए हैं।
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सूचना के आधार पर एसटीएफ की वाराणसी इकाई के एएसपी एस आनंद के नेतृत्व में इंस्पेक्टर शैलेश प्रताप सिंह, विपिन राय, पुनीत परिहार व अमित श्रीवास्तव की टीम ने होटल प्रिया में छापामारी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि पैंगोलिन उसने सोनभद्र के पन्नूगंज स्थित जंगल से पकड़ा है। वह उसे यहां बेचने आया था।
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गिरफ्तार आरोपियों की शिनाख्त कचहरी के मो. शहजाद, पांडेय हवेली के शकील अहमद व शमीम अख्तर, सोनभ्रद के विढंमगंज के सलहिया डीह के सुरेंद्र कुमार गुप्ता, बिहार के वैशाली के मदनेश कुमार सिंह, पटना के अशोक कुमार, नालंदा के बृज मोहन सिंह, समस्तीपुर के महेश कुमार और सीतामढ़ी के संदीप कुमार के तौर पर हुई है।
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एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक कुमार सिंह के अनुसार नई दिल्ली स्थित वन्य जीव अपराध ब्यूरो ने प्रदेश में पैंगोलिन के अवैध व्यापार की जानकारी दी थी। इसकी तफ्तीश के लिए एएसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी को लगाया गया तो पता लगा कि सोनभद्र से कुछ लोग पैंगोलिन लेकर आए हैं।
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सूचना के आधार पर एसटीएफ की वाराणसी इकाई के एएसपी एस आनंद के नेतृत्व में इंस्पेक्टर शैलेश प्रताप सिंह, विपिन राय, पुनीत परिहार व अमित श्रीवास्तव की टीम ने होटल प्रिया में छापामारी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि पैंगोलिन उसने सोनभद्र के पन्नूगंज स्थित जंगल से पकड़ा है। वह उसे यहां बेचने आया था।
शक्तिवर्धक दवाएं और जैकेट बनाने में आता है काम
पैंगोलिन
स्तनधारी प्राणी पैंगोलिन का शिकार इसके शरीर पर उभरे स्केल (केराटिन की बनी शल्कनुमा संरचना) के लिए किया जाता है। भारत में इसे सल्लू सांप भी कहा जाता है।
इसकी मांग चीन, हांगकांग, सिंगापुर, मलेशिया आदि देशों में है। पैंगोलिन से शक्तिवर्धक दवाएं और जैकेट बनाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त जीवित पैंगोलिन और इसके मांस के लिए भी दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में इसकी मांग है। इससे पहले 20 जनवरी को मध्य प्रदेश के बालाघाट में जिंदा पैंगोलिन बरामद किया गया था।
शर्मीले जीव का दुनिया भर में होता है अवैध व्यापार
इंटरपोल की पिछले तीन साल की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में पैंगोलिन का सर्वाधिक अवैध व्यापार होता है। इसी वर्ष साउथ अफ्रीका में हुए अधिवेशन में दुनिया भर में पैंगोलिन की घटती संख्या पर चिंता जताई गई थी।
चार फीट लंबा यह जीव बेहद शर्मीला होता है और चींटी व दीमक इसका मुख्य भोजन है। भारत में इसकी दो प्रजातियां पाई जाती हैं। पूर्वोत्तर भारत में चायनीज पैंगौलिन और अन्य राज्यों में इंडियन पैंगोलिन पाया जाता है।
इसकी मांग चीन, हांगकांग, सिंगापुर, मलेशिया आदि देशों में है। पैंगोलिन से शक्तिवर्धक दवाएं और जैकेट बनाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त जीवित पैंगोलिन और इसके मांस के लिए भी दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में इसकी मांग है। इससे पहले 20 जनवरी को मध्य प्रदेश के बालाघाट में जिंदा पैंगोलिन बरामद किया गया था।
शर्मीले जीव का दुनिया भर में होता है अवैध व्यापार
इंटरपोल की पिछले तीन साल की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में पैंगोलिन का सर्वाधिक अवैध व्यापार होता है। इसी वर्ष साउथ अफ्रीका में हुए अधिवेशन में दुनिया भर में पैंगोलिन की घटती संख्या पर चिंता जताई गई थी।
चार फीट लंबा यह जीव बेहद शर्मीला होता है और चींटी व दीमक इसका मुख्य भोजन है। भारत में इसकी दो प्रजातियां पाई जाती हैं। पूर्वोत्तर भारत में चायनीज पैंगौलिन और अन्य राज्यों में इंडियन पैंगोलिन पाया जाता है।