World Malaria Day: पिछले पांच साल में वाराणसी में आए मलेरिया के 1259 मरीज, सीएमओ बोले- 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य
मलेरिया नियंत्रण और इसके प्रति जागरूकता के उद्देश्य से हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है।
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मलेरिया नियंत्रण और इसके प्रति जागरूकता के उद्देश्य से हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। वाराणसी में 2017 से इस वर्ष तक मलेरिया के 1259 मामसा सामने आए हैं। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि वर्ष 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है।
इस बार विश्व मलेरिया दिवस की थीम मलेरिया रोग के बोझ को कम करना और जीवन बचाने के लिए नवाचार का उपयोग करना है। जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) शरद चंद पांडे ने बताया कि मलेरिया जांच के लिए आशाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं को मलेरिया जांच करने के बाद उसका जो भी रिजल्ट होगा, उसे तुरंत सीएस प्रो एप पर अपलोड करना होगा।
एप पर जानकारी मिलने के बाद संबंधित ब्लॉक की रैपिड रिस्पांस टीम अलर्ट हो जाएगी। वाराणसी में समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाकर मच्छर पनपने वाले स्रोतों को नष्ट करने के साथ ही एंटीलार्वा का छिड़काव व फागिंग भी कराई जाती है। समय से मलेरिया की जांच कर संबंधित मरीज को तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए अब लोगों की जांच उनके घर पर ही हो सकेगी। इसके लिए उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा।
एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है मलेरिया
मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया हो जाने पर संबंधित व्यक्ति को ठंड देकर नियमित अंतराल पर बुखार आता है। बुखार छोड़ते वक्त पसीना होता है। समय पर दवा न मिलने पर रोगी अत्यधिक कमजोर हो जाता है।
मलेरिया के मरीजों का आंकड़ा
2022 32
2021 164
2020 46
2019 271
2018 340
2017 406