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World Hepatitis Day: समय पर जांच और उपचार देगा बीमारियों को मात, इन लक्षणों को ना करें नजरअंदाज
Thu, 28 Jul 2022 10:02 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jul 2022 10:02 AM IST
सार
बीएचयू के गैस्ट्रोइंट्रोलॉजिस्ट डॉ. देवेश यादव के मुताबिक हेपेटाइटिस एक वायरल बीमारी है। इसके बारे में जनजागरूकता के लिए ही 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है।
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हेपेटाइटिस डे
- फोटो : SELF
विस्तार
हेपेटाइटिस बी और सी का इलाज अब संभव है और लोगों को इसके प्रति जानकारी रखनी चाहिए। हेपेटाइटिस एक ऐसी बीमारी है, जिससे लीवर सिरोसिस सहित अन्य बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। बीएचयू के गैस्ट्रोइंट्रोलॉजिस्ट डॉ. देवेश यादव के मुताबिक हेपेटाइटिस एक वायरल बीमारी है। इसके बारे में जनजागरूकता के लिए ही 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है।
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डॉ. देवेश बताते हैं कि आमतौर पर शराब का सेवन करने वालों को यह बीमारी अधिक होती है। अगर समय पर इलाज कराया जाए तो लोग ठीक हो सकता है। इस बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। उधर स्त्री रोग विशेषज्ञ के अनुसार, गर्भावस्था में हेपेटाइटिस की जांच कराना बहुत जरूरी है। इससे जच्चा-बच्चा दोनों की सेहत ठीक रहती है। हेपेटाइटिस वायरस को पांच प्रकार यथा ए, बी, सी, डी और ई के रूप में जाना जाता है। यह सभी लीवर को प्रभावित करते हैं।
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सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि हेपेटाइटिस की जांच के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना चाहिए। समय रहते इसकी जांच और उपचार बहुत जरूरी है। 2030 तक हेपेटाइटिस उन्मूलन का लक्ष्य सरकार ने रखा है, इसको देखते हुए जागरूक किया जा रहा है।
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शहरी सीएचसी दुर्गाकुंड कुंड की अधीक्षक डॉ. सारिका राय ने कहा कि गर्भावस्था और गर्भस्थ शिशु को हेपेटाइटिस बी से बचाव के लिए समय पर जांच अवश्य करानी चाहिए। पॉजिटिव होने पर प्रसव के दौरान वायरस के मां से शिशु तक पहुंचने की संभावना होती है।
यह है कारण
- शौच से पहले, खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह से धोएं।
- ठीक से पका हुआ भोजन, पानी उबालने के बाद ठंडा कर पीएं।
- सुई-रेजर किसी अन्य के साथ साझा न करें।
- बच्चे के जन्म के तुरंत बाद हेपेटाइटिस-बी का टीका लगवाएं।
- -शराब का अधिक सेवन करना।
- - दूषित भोजन-अशुद्ध पानी के सेवन से हेपेटाइटिस ए और ई संभावित।
- - असुरक्षित यौन संबंध से हेपेटाइटिस-बी और सी (काला पीलिया) संभावित।
- - असुरक्षित इंजेक्शन-उपचार से हेपेटाइटिस बी और सी संभावित।
- - गर्भवती के बच्चे को भी काला पीलिया संभावित।
- शौच से पहले, खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह से धोएं।
- ठीक से पका हुआ भोजन, पानी उबालने के बाद ठंडा कर पीएं।
- सुई-रेजर किसी अन्य के साथ साझा न करें।
- बच्चे के जन्म के तुरंत बाद हेपेटाइटिस-बी का टीका लगवाएं।