विश्व पर्यावरण दिवस: मिलिए इन पहरेदारों से, जो पर्यावरण को हरा-भरा बनाने में जुटे हैं, कोरोना काल में किया बड़ा काम
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर हम आपको मिलाते हैं वाराणसी के कुछ पर्यावरण के पहरेदारों से, जो पौधरोपण में जुटे हुए हैं।
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दूषित हो रहे पर्यावरण को संभालने व स्वच्छ बनाने के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण करना जरूरी है। वाराणसी में कुछ व्यक्ति पर्यावरण को संभालने के लिए लगातार पौधरोपण करने में जुटे हुए है। लॉकडाउन में जहां कुछ परिवारों ने पर्यावरण को हरा-भरा बनाने को लक्ष्य मानकर कोरोना काल में अपने घर की छत पर एक बगिया बना डाली तो कुछ युवाओं ने सोशल मीडिया के जरिए अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश हर घर तक पहुंचा दिया है। विश्व पर्यावरण दिवस पर हम कुछ ऐसे ही लोगों से आज रूबरू होंगे।
अजीत ने घर की छत पर लगाए पौधे
सुंदरपुर निवासी व्यवसायी अजीत मेहरोत्रा को कोरोना काल में प्रकृति के बदलते स्वरूप ने उन्हें काफी प्रेरित किया। जिसके बाद उन्होंने पर्यावरण सरंक्षण के लिए एक पहल शुरू की है। उन्होंने अपने घर की छत पर एक गार्डन बनाया है। यहां अजीत ने बड़ी संख्या में सब्जियां और फ लों के पौधे लगाए हैं। अजीत की इस पहल में उनकी पत्नी मोना व बेटा संस्कार भी मदद कर रहे है। कोरोना बचाव के लिए लग लॉकडाउन ने यह परिवार सुबह-सुबह इन पौधों को सेवा में लगा हुआ है। अजीत का कहना है कि इन पौधों को लगाने से पर्यावरण में तो सुधार होगा ही साथ ही यह पौधें हमारे आसपास के वातावरण को भी शुद्ध रखते है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है।
सोशल मीडिया के जरिए घर-घर पहुंचाया पर्यावरण संरक्षण अभियान
शहर में कई युवा है जो पर्यावरण संरक्षण के लिए लंबे समय से अभियान चला रहे है। ऐसे ही एक युवा है वीवेंडर फाउंडेशन के गोपाल कुमार जिन्होंने कोरोना काल में भी अपने अभियान को रुकने नहीं दिया। गोपाल ने अपनी टीम के साथ सोशल मीडिया पर मुहीम चलाकर इसे जन-जन पहुंचाया है। सोशल मीडिया के जरिए गोपाल की इस मुहिम से न सिर्फ वाराणसी के लोग जुड़े बल्कि चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, आजमगढ़, मऊ के साथ बिहार, महाराष्ट्र, बंगाल, उत्तराखंड व हिमांचल में भी लोगों ने अपने अपने घरों पर पौधरोपण पहल की शुरूआत की। गोपाल बताते है कि कोरोना काल में संस्था की ओर से दो हजार से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके है।
पर्यावरण को शुद्ध बनाएंगे प्रदेश भर के शिक्षक
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन संकट ने कई लोगों से उनक अपनों को छीन लिया है। ऑक्सीजन के इस संकट को देखते हुए प्रदेश भर के शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रकृति मित्र अभियान की शुरूआत की है। मिशन शिक्षण संवाद की ओर से पांच से 15 जून तक यह अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में कोरोना काल में ऑक्सीजन के अभाव में मरने वाले लोगों की स्मृति में एक पौधा लगाकर उन्हें श्रद्धांजलि के रूप में समाज को प्रकृति से मित्रता का संदेश दिया जाएगा। मिशन शिक्षण संवाद वाराणसी के संयोजन रविंद्र कुमार व सरिता राय ने बताया कि इस अभियान में टीचर्स क्लब उत्तर प्रदेश व रेड टेप मूवमेंट का भी सहयोग है।
शहर को हरा-भरा बनाने में मदद करेगा रोटरी क्लब
रोटरी अंतराष्ट्रीय मंडल 3120 एवं रोटरी क्लब वाराणसी की सभी शाखाएं मिलकर शहर को हरा-भरा बनाने में सहयोग करेंगी। इसके लिए विश्व पर्यावरण दिवस पर क्लब की ओर से वृहद पौधरोपण अभियान की शुरूआत की जाएगी। शुक्रवार को क्लब की ओर से आयोजित प्रेसवार्ता में दीपक अग्रवाल ने बताया कि रोटरी अंतराष्ट्रीय मंडल की ओर से पांच लाख पौधों को लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत वाराणसी की सभी शाखाओं की ओर से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पौधरोपण किया जाएगा।
रजत जयंती वर्ष पर भारत विकास परिषद का पर्यावरण अभियान
कोरोना महामारी में ऑक्सीजन संकट को देखते हुए भारत विकास परिषद की सभी शाखाओं की ओर से पर्यावरण अभियान की शुरू की गई है। जिसमें संस्था के सदस्यों को पौधे वितरित किए। काशी प्रांत के प्रांतीय अध्यक्ष मुकुल साह ने बताया कि इन पौधों को संरक्षित करने वालों को भारत विकास परिषद सत्यम सम्मानित करेगी। इसके साथ ही संस्था द्वारा पौध बैंक बनाया जाएगा, जिससे जो व्यक्ति पौधे लेना चाहेगा, संस्था उन्हें पौधे उपलब्ध कराएगी।
चित्र के जरिए दे रहे पेड़ बचाएं, जीवन पाएं का संदेश
पर्यावरण आज देश के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गया है। इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए बीएचयू दृश्य कला संकाय के पूर्व छात्र छायाकार विनोद राव ने अपनी कला का सहारा लिया है। अपनी कैनवास पेटिंग के जरिए विनोद ने पेड़ बचाएं, जीवन पाएं का संदेश दे रहे है। अपनी पेटिंग में उन्होंने वास्तविक पेड़ को जोड़ रखा है, जिसपर रक्षासूत्र बंधा है। रक्षासूत्र के जरिए उन्होंने पेड़ व मनुष्य के बीच रक्षा संबंध का एहसास देने की कोशिश की है। इससे पहले भी विनोद राव ने पिछले वर्ष कोरोना पर आधारित जन जागरूकता के लिए 30 पोस्टर व चार शार्ट फिल्में बना चुके है। पर्यावरण संरक्षण के संदेश पर आधारित यह पेटिंग जल्द ही जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा को भेंट की जाएगी।