पूर्वांचल में पहली बार: वाराणसी के कैंसर अस्पताल में अब रेडियो न्यूक्लाइड थेरेपी से इलाज
वाराणसी स्थित महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल में पूर्वांचल के विभिन्न जिलों और बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड से भी बड़ी संख्या में मरीज आते हैं।
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वाराणसी स्थित महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल में अब मरीजों का रेडियो न्यूक्लाइड थेरेपी से इलाज होगा। इसके शुरू होने से अब थायराइड कैंसर, न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर, न्यूरो ब्लास्टोमा आदि कैंसर के इलाज में राहत होगी। मरीजों के इलाज के लिए दूसरे शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विश्व कैंसर दिवस पर संस्थान की ओर से इस विधि के बारे में मरीजों को जागरूक किया जा रहा है। लहरतारा और सुंदर बगिया स्थित कैंसर अस्पताल में वाराणसी के साथ ही पूर्वांचल के विभिन्न जिलों और बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड से भी बड़ी संख्या में मरीज आते हैं।
डॉ. वरुण शुक्ला ने बताया कि रेडियो न्यूक्लाइड थेरेपी में रेडियो-आयोडिन , पीएसएमए , एमआईबीजी, डोटाटेट एवं समेरियम थेरेपी मुख्य रूप से शामिल हैं। रेडियो आयोडिन थेरेपी जहां थायराइड के कैंसर के इलाज के लिए खास है।
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ब्लड इरेडिएशन की सुविधा भी शुरू
कैंसर अस्पताल में मरीजाें की सुविधा के लिए ब्लड इरेडिएशन की सुविधा भी शुरू की गई है। अस्पताल के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. अक्षय बत्रा ने बताया कि बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन के लिए ब्लड इरेडिएटर बेहद महत्वपूर्ण है। इसके जरिए खून में पाए जाने वाले टी सेल्स को निष्क्रिय करने में मदद मिलती है, जिससे ट्रांसप्लांट के मरीजों में रक्त जनित बीमारियों के दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है।