मजदूरों को लेकर विशाखापटनम से ट्रेन को जाना था मुजफ्फरपुर, पहुंच गई पीडीडीयू जंक्शन
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उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में कोरोना वायरस महामारी के चलते लॉकडाउन के बीच देश के विभिन्न राज्यो में फंसे प्रवासी श्रमिकों को घर भेज जा रहा है। शुक्रवार की देर रात करीब एक बजे विशाखापटनम से 21 मई को रात करीब साढ़े नौ बजे श्रमिकों को लेकर मुजफ्फरपुर बिहार के लिए चली ट्रेन पीडीडीयू जंक्शन पहुंच गई।
इसकी भनक लगते ही स्थानीय रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। वहीं इसकी जानकारी जब यात्रियों को हुई तो हंगामा खड़ा कर दिया। ट्रैक पर बोल्डर और गार्डर रखकर पूरा परिचालन ठप कर दिया। इससे कई श्रमिक स्पेशल और राजधानी ट्रेन रातभर आउटर पर खड़ी रहीं।
विशाखापटनम से करीब 1200 श्रमिकों को लेकर ट्रेन मुजफ्फरपुर(बिहार) के लिए 21 मई की रात साढ़े नौ बजे चली। ट्रेन शुक्रवार रात मुजफ्फरपुर जाने के बजाय पीडीडीयू जंक्शन के आउटर पर पहुंची और उसे वही रोक दिया गया। पहले तो यात्री समझ नहीं पाए बाद में उन्हें बताया गया कि प्लेटफॉर्म नहीं खाली है। लेकिन काफी इंतजार के बाद उनका धैर्य जवाब देने लगा।
नाराज श्रमिक शनिवार की सुबह ट्रैक पर ही बैठ गए और बोल्डर और गर्डर से ट्रैक जाम कर दिया। इससे कई श्रमिक स्पेशल और राजधानी ट्रेन प्रभावित हुई है। सुबह करीब पौने सात बजे रेल प्रशासन ने वाराणसी कंट्रोल से बात कर ट्रेन को वाराणसी-छपरा रेल रूट से विहार के मुजफ्फरपुर के लिए रवाना किया गया।
रेलवे की लापरवाही पड़ सकती है भारी
रेलवे की ओर से श्रमिक स्पेशल ट्रेन को लेकर काफी लापरवाही बरती जा रही है। शुक्रवार की शाम को हो पड़ाव कंपास व्यास नगर हॉल्ट पर एक श्रमिक स्पेशल को ढाई घंटे खड़ा कर दिया गया। इससे नाराज श्रमिकों ने जमकर बवाल किया। कोच के शीशे तोड़ दिए। चालक और गार्ड को मारने के लिए दौड़ा लिया था। तीन दिन पहले जौनपुर जाने वाली ट्रेन को पीडीडीयू जंक्शन भेज दिया गया। इसी तरह शुक्रवार की रात भी मुजफ्फरपुर की ट्रेन को स्थानीय स्टेशन पर डायवर्ट कर दिया गया।