स्वास्थ्यकर्मियों के स्थानांतरण का विरोध दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मी 19 जुलाई से सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक कार्य बहिष्कार कर रहे थे। वहीं, बृहस्पतिवार को कर्मचारी पूर्ण कार्य बहिष्कार पर रहे। इस वजह से सीएमओ कार्यालय के साथ ही अस्पतालों के कार्यालयों में ताला लटका रहा। अस्पतालों के लाइसेंस नवीनीकरण, जननी सुरक्षा योजना आदि काम के लिए आए लोगों को वापस लौटना पड़ा। यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के आह्वान पर कर्मचारी स्थानांतरण का विरोध कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष निर्भय नारायण सिंह के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल अस्पताल, रामनगर अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से कर्मचारी सीएमओ ऑफिस पहुंचे। जिलाध्यक्ष ने बताया कि प्रदेश में 2817 लिपिकों के सापेक्ष सरकार ने 1772 का स्थानांतरण किया जो कि स्थानांतरण नीति के अनुसार 20 प्रतिशत से बहुत अधिक है। साथ ही इसमें नियमों की अनदेखी भी की गई है। चेतावनी दी कि 24 जुलाई तक यदि सरकार ने स्थानांतरण के आदेश को वापस नहीं लिया तो 26 जुलाई को लखनऊ में स्वास्थ्य महानिदेशालय का घेराव कर मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च तक किया जाएगा। इस दौरान काशीनाथ गोस्वामी, पीके उपाध्याय, विजय कुमार, रेनू राय, सुषमा सिंह, निशा दूबे, कादिर हाशमी, विजय रघुवंशी आदि मौजूद रहे।